DW Samachar – Header
BREAKING

Lalu-Rabri to Get Z Security: लालू-राबड़ी को फिर मिलेगी Z श्रेणी सुरक्षा, सरकार ने बदला फैसला

बिहार सरकार ने समीक्षा के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। जानिए सुरक्षा वापस मिलने की पूरी कहानी। Lalu-Rabri to Get Z Security Again After Government Review प्रस्तावना बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया … Read more

Lalu-Rabri to Get Z Security Again After Government Review

बिहार सरकार ने समीक्षा के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। जानिए सुरक्षा वापस मिलने की पूरी कहानी।

Lalu-Rabri to Get Z Security Again After Government Review


प्रस्तावना

बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने समीक्षा के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। करीब एक महीने पहले उनकी सुरक्षा में कटौती किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति गर्मा गई थी। विपक्ष ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे, जबकि सत्तापक्ष ने इसे नियमित सुरक्षा समीक्षा का हिस्सा बताया था। अब सरकार के नए निर्णय ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है।

Digital Women Trust

हालांकि शुक्रवार देर रात तक गृह विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई थी। इसके बावजूद सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू कर दी है कि आखिर एक महीने के भीतर सरकार ने अपना फैसला क्यों बदला।

Lalu-Rabri to Get Z Security Again After Government Review

लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर मिलेगी Z श्रेणी की सुरक्षा

सूत्रों के अनुसार, बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले महीने उनकी सुरक्षा में कटौती को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही थी।

हालांकि अभी तक गृह विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। आरजेडी नेताओं का भी कहना है कि उन्हें इस संबंध में केवल मीडिया रिपोर्टों से जानकारी मिली है और सरकार की ओर से कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई सुरक्षा व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू की जाएगी।


एक महीने पहले क्यों हटाई गई थी सुरक्षा?

4 जून को बिहार गृह विभाग ने सुरक्षा समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया था। सरकार ने उस समय कहा था कि यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

हालांकि सुरक्षा पूरी तरह समाप्त नहीं की गई थी। उनके आवास की सुरक्षा के लिए हाउस गार्ड की व्यवस्था जारी रखी गई थी। इसके अलावा निजी सुरक्षा के लिए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बी-सैप) के जवानों की भी तैनाती की गई थी। सरकार ने उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई थी।

इसके बावजूद Z प्लस सुरक्षा हटाए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया था।


सुरक्षा वापस करने के फैसले पर क्यों हुआ था विवाद?

सुरक्षा में कटौती के बाद लालू परिवार ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया था। इस फैसले के विरोध में सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया गया था।

इस घटनाक्रम के बाद मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक कारणों से सुरक्षा कम की है, जबकि सरकार का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पेशेवर समीक्षा के आधार पर तय की जाती है।

इस विवाद ने कई दिनों तक बिहार की राजनीति में प्रमुख स्थान बनाए रखा।


10 सर्कुलर रोड खाली करने के बाद बदली रणनीति?

राबड़ी देवी हाल ही में पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के सरकारी आवास को छोड़कर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गई हैं। सरकार के ताजा फैसले को इस घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी आवास से निजी आवास में स्थानांतरण के बाद सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई होगी। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि सुरक्षा बहाल करने का निर्णय केवल आवास बदलने की वजह से लिया गया है। आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही सरकार की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।


Z श्रेणी की सुरक्षा में क्या-क्या होता है?

भारत में विभिन्न व्यक्तियों को उनकी सुरक्षा संबंधी आवश्यकता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों की सुरक्षा प्रदान की जाती है। इनमें Z श्रेणी की सुरक्षा काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Z श्रेणी की सुरक्षा में सामान्यतः लगभग दो दर्जन प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। इनमें सशस्त्र कमांडो, एस्कॉर्ट वाहन, आवास सुरक्षा और यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था शामिल हो सकती है। सुरक्षा का स्वरूप संबंधित एजेंसियों के आकलन और खतरे के स्तर के अनुसार तय किया जाता है।

इस श्रेणी की सुरक्षा आमतौर पर उन नेताओं, न्यायिक अधिकारियों या अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को दी जाती है जिनके लिए सुरक्षा एजेंसियां विशेष खतरे का आकलन करती हैं।


सुरक्षा के मुद्दे पर बिहार में क्यों तेज हुई राजनीति?

लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती के बाद आरजेडी ने सरकार पर लगातार निशाना साधा था।

सुरक्षाकर्मियों के वापस लौटने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वयं 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया था। कार्यकर्ता अलग-अलग शिफ्ट में आवास के बाहर मौजूद रहते थे।

इस दौरान जब लालू प्रसाद, राबड़ी देवी या तेजस्वी यादव सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाते थे, तब विपक्ष ने यह मुद्दा उठाया कि वे बिना पूर्व जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बाहर निकल रहे हैं। इस घटनाक्रम को लेकर सरकार की काफी आलोचना हुई।

वहीं सरकार का कहना था कि सुरक्षा का निर्णय केवल सुरक्षा एजेंसियों की पेशेवर रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता है, न कि राजनीतिक आधार पर।


गृह विभाग की भूमिका क्या है?

बिहार में किसी भी वीआईपी की सुरक्षा बढ़ाने या घटाने का अंतिम निर्णय गृह विभाग द्वारा सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता है।

समय-समय पर संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति के लिए खतरे का स्तर बढ़ता या घटता है तो उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाता है।

इसी प्रक्रिया के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा की भी दोबारा समीक्षा की गई, जिसके बाद Z श्रेणी की सुरक्षा बहाल करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है।


क्या बदलेगा सुरक्षा बहाल होने के बाद?

यदि सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी हो जाती है तो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो जाएगी।

Z श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद उनके आवास, सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर खतरे का आकलन भी करती रहेंगी।

हालांकि सुरक्षा का वास्तविक स्वरूप सार्वजनिक नहीं किया जाता क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।


बिहार की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?

लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। राबड़ी देवी भी लंबे समय तक राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़ा कोई भी फैसला राजनीतिक महत्व रखता है।

सरकार द्वारा सुरक्षा बहाल करने के निर्णय के बाद विपक्ष इस मुद्दे को अपनी राजनीतिक जीत बता सकता है, जबकि सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता सकती है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक व्याख्या प्रस्तुत करेंगे। हालांकि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों के आकलन पर ही आधारित माना जाता है।


आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गृह विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है। जब तक आदेश जारी नहीं होता, तब तक सुरक्षा बहाल होने की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।

आरजेडी नेताओं ने भी कहा है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। इसलिए अंतिम स्थिति सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


निष्कर्ष

बिहार सरकार द्वारा लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय राज्य की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। करीब एक महीने पहले सुरक्षा में कटौती के बाद जिस तरह राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था, उसके बाद अब सरकार का यह फैसला कई सवाल भी खड़े करता है। हालांकि सरकार की ओर से इसे सुरक्षा समीक्षा का परिणाम बताया जा रहा है और अंतिम स्थिति आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सुरक्षा व्यवस्था किसी भी व्यक्ति के राजनीतिक कद से अधिक उसके खतरे के आकलन पर निर्भर करती है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में गृह विभाग क्या आधिकारिक आदेश जारी करता है और नई सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार लागू की जाती है।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़