जहानाबाद: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में जहानाबाद स्थित जदयू कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और मायूसी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीतीश कुमार को अभी बिहार में रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से यह वादा किया था कि “25 से 30 साल फिर से नीतीश” के संकल्प के साथ बिहार का विकास किया जाएगा। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से अलग होकर राज्यसभा जाना चाहते थे, तो इससे पहले उन्हें बिहार की राजनीतिक जिम्मेदारी अपने बेटे Nishant Kumar को सौंपनी चाहिए थी। उनका मानना है कि अगर नेतृत्व परिवर्तन करना ही था, तो पार्टी और सरकार की कमान पहले नई पीढ़ी को देकर जाना बेहतर होता। वहीं जदयू कार्यालय में मौजूद कई कार्यकर्ता इस फैसले से नाराज दिखाई दिए। नाराज कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में विरोध जताते हुए कुर्सियां भी तोड़ दीं। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है और इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से कोई राय-मशविरा नहीं किया जाता। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है, इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है। फिलहाल इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
Jehanabad News: JDU workers are angry over the decision to go to the Rajya Sabha, disappointment is visible in Jehanabad.
Author: AK
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