जहानाबाद: रमज़ान का पवित्र महीना इन दिनों पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस्लाम धर्म में रमज़ान को इबादत, सब्र, त्याग और आत्मशुद्धि का महीना माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और ज़रूरतमंदों की मदद कर आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।
रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और नेकी के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। बड़े-बुज़ुर्गों के साथ-साथ बच्चे भी इस पाक महीने में उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हैं और इबादत की भावना को समझने का प्रयास करते हैं।
इसी क्रम में जहानाबाद जिले के अलीनगर पाली निवासी सैयद मजहर इमाम के 6 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अब्बास ने अपना पहला रोज़ा रखकर सभी को गर्व महसूस कराया। छोटी उम्र में रोज़ा रखने का उनका उत्साह परिवार के लिए विशेष खुशी का कारण बना। पूरे दिन उन्होंने धैर्य और श्रद्धा के साथ रोज़ा रखा और शाम को परिवार के साथ मगरिब की नमाज़ अदा कर इफ्तार के साथ अपना पहला रोज़ा पूरा किया।
इस खास मौके पर घर में खुशी का माहौल रहा। उनकी दादी, बड़े पापा, बड़ी अम्मी, अम्मी, बहन फातमा, वारिस, इंशु और नरजिस सहित सभी परिवारजनों ने मोहम्मद अब्बास को ढेरों दुआएं और मुबारकबाद दीं। परिवार के सदस्यों ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में रोज़ा रखने का उनका जज़्बा काबिल-ए-तारीफ है और यह उनकी अच्छी परवरिश व धार्मिक संस्कारों का परिचायक है।
रमज़ान का महीना हमें सब्र, इंसानियत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का संदेश देता है। मोहम्मद अब्बास जैसे नन्हें रोज़ेदारों का उत्साह समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक आस्था की मजबूत नींव को दर्शाता
Jehanabad News: 6-year-old Mohammad Abbas kept his first fast, bringing joy to the family
Author: AK
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