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Jehanabad News: हाथीपांव लाइलाज और अपंगता देने वाली बीमारी, दवा सेवन ही बचाव का एकमात्र रास्ता

Jehanabad News: हाथीपांव लाइलाज और अपंगता देने वाली बीमारी, दवा सेवन ही बचाव का एकमात्र रास्ता
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्वास्थ्यकर्मियों को दिया प्रशिक्षण।


जहानाबाद फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, एक लाइलाज और अपंगता देने वाली गंभीर बीमारी है। इस बीमारी से बचाव और उन्मूलन का एकमात्र प्रभावी उपाय नियमित रूप से फाइलेरियारोधी दवा का सेवन है। दवा को लेकर किसी प्रकार का भय नहीं रखना चाहिए। यह बातें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कही। वे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल प्रबंधकों एवं बीसीएम के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह प्रशिक्षण शहर के एक निजी होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. मीना कुमारी, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार, डीसीएम धीरज कुमार, वीडीसीओ दीक्षा कुमारी, वीबीडीसी निशिकांत कुमार, पीरामल से विनोद कुमार तथा सीफार से पल्लवी कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। आशाकर्मियों के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रखंड स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आशाकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने पुनः गृह भ्रमण, छूटे हुए गांवों और लाभुकों पर विशेष ध्यान देने तथा रैपिड रिस्पांस टीम को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया।
दवा सेवन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी लाभुक को अपने सामने ही दवा का सेवन कराएंगे, दवा का वितरण किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा। फाइलेरियारोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अत्यधिक गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा का सेवन खाली पेट नहीं कराना है। अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर तथा डीईसी गोली पानी के साथ लेने की सलाह दी गई।
उन्होंने बताया कि दवा सेवन के बाद यदि किसी को चक्कर या उल्टी की शिकायत होती है, तो यह शरीर में माइक्रोफाइलेरिया की मौजूदगी का संकेत है। ऐसे मामलों के प्रबंधन के लिए आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के पास आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी। घोसी प्रखंड को छोड़ सभी प्रखंडों में चलेगा अभियान एसीएमओ डॉ. मीना कुमारी ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान प्रस्तावित है। यह अभियान घोसी प्रखंड को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों में चलाया जाएगा। प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद आशाकर्मियों का भी प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग और आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आमजन को दवा सेवन की आवश्यकता और बीमारी की गंभीरता के बारे में जानकारी दी जाए। साथ ही, मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों में दवा सेवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर भी बल दिया गया।

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Jehanabad News: Elephantiasis is an incurable and crippling disease, medication is the only way to prevent it.

AK
Author: AK

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