मंगल, अप्रैल 7, 2026

Jehanabad News: पंडुई मनरेगा भवन में जीपीडीपी बैठक में वार्ड सदस्यों का विरोध, मुखिया पर लगाए गंभीर आरोप

जहानाबाद जिले के ग्राम पंचायत पंडुई के मनरेगा भवन में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को लेकर आयोजित बैठक उस समय विवाद का केंद्र बन गई जब पंचायत के कई वार्ड सदस्य विरोध स्वरूप काला बिल्ला लगाकर बैठक में पहुंचे। वार्ड सदस्यों ने मुखिया पर मनमानी और पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य ठप होने की शिकायत की।

बैठक में मौजूद वार्ड सदस्यों ने मीडिया से कहा कि गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। न तो नाली और सड़क का निर्माण हुआ है, न ही पीने के पानी और सोलर लाइट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुखिया चार साल से टालमटोल करते आ रहे हैं और योजनाओं को लेकर पारदर्शिता नहीं बरतते। वार्ड प्रतिनिधियों का कहना था कि अगर इसी तरह स्थिति बनी रही तो वे इसकी शिकायत आलाधिकारी और जिला प्रशासन तक पहुँचाएँगे।

वार्ड सदस्यों की नाराजगी

जानकारी के अनुसार पंचायत के 14 वार्डों में से करीब 10 वार्ड के सदस्य एकजुट होकर विरोध में उतरे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे विकास फंड का लाभ सभी वार्डों तक नहीं पहुँच रहा। केवल चुनिंदा जगहों पर ही कार्य हो रहा है, जिससे पंचायत के बड़े हिस्से को नजरअंदाज किया जा रहा है। नाराज वार्ड प्रतिनिधियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि “जब जनता सवाल करती है तो मुखिया जिम्मेदारी सरकार पर डाल देते हैं, जबकि गांव के विकास का असली जिम्मा मुखिया के हाथों में है।”

मुखिया ने सरकार पर डाला ठीकरा

पत्रकारों से बातचीत में मुखिया ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि पंचायत में विकास कार्य रुकने की वजह फंड का समय पर उपलब्ध न होना है। मुखिया का कहना था कि “सरकार की ओर से योजनाओं का पैसा नहीं मिलता है। कई योजनाओं की राशि फंसी हुई है, जिसकी वजह से काम अधूरा रह गया है।”
मुखिया ने साफ कहा कि उनका इरादा किसी वार्ड की उपेक्षा करने का नहीं है, लेकिन जब तक फंड नहीं मिलेगा, तब तक पंचायत स्तर पर विकास कार्य सुचारु रूप से संभव नहीं है।

सरकार की योजनाओं पर सवाल

बैठक के दौरान यह सवाल भी उठा कि आखिर राज्य सरकार की ओर से भेजी जाने वाली विकास योजनाएँ जमीन पर क्यों नहीं उतर पा रही हैं। वार्ड सदस्यों का कहना था कि अगर योजनाओं की राशि वास्तव में पंचायत तक नहीं पहुँच रही तो यह गंभीर मामला है और इसकी जाँच होनी चाहिए। वहीं, मुखिया का कहना था कि वे बार-बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन फंड जारी न होने से कार्य प्रभावित हैं।

पंचायत के लोग उम्मीद में

गांव के स्थानीय लोगों ने भी विकास कार्यों में देरी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहार के समय भी गांव की गलियों में न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही सड़क का उचित प्रबंध। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाएँ कागजों पर ही सिमट कर रह जाती हैं और जनता तक लाभ नहीं पहुँच पाता।

बैठक का माहौल इस बार सरकार की योजनाओं और पंचायत स्तर की जवाबदेही को लेकर गहन चर्चा का कारण बन गया। वार्ड प्रतिनिधियों और मुखिया के बीच जारी खींचतान के बीच आम जनता यह उम्मीद कर रही है कि आने वाले दिनों में वास्तविक रूप से योजनाएँ लागू हों और गांव का समुचित विकास हो सके।

Jehanabad News: Ward members protest at the GPDP meeting in Pandui MNREGA Bhawan, level serious allegations against the head

AK
Author: AK

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