जहानाबाद बिहार सरकार ने जमीन की अदला-बदली (आपसी बदलैन) की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब दो रैयतों (भूमि धारकों) के बीच यदि किसी भूखंड का आपसी सहमति से पूर्व में मौखिक रूप से बदलैन किया गया है, और वर्तमान में दोनों पक्ष संबंधित भूमि पर शांतिपूर्वक दख़ल व कब्जा बनाए हुए हैं, तो उस बदलैन को वैध माना जाएगा — बशर्ते कि दोनों पक्ष लिखित रूप में अपनी सहमति दें।
इस निर्णय के अनुसार, अब रैयतों को जमीन की अदला-बदली के लिए बार-बार रजिस्ट्री ऑफिस का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी होगी, जहाँ पारंपरिक रूप से मौखिक सहमतियों के आधार पर जमीन की अदला-बदली होती रही है।
जिला बंदोबस्त पदाधिकारी उपेंद्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि, “यह फैसला उन मामलों में राहत देगा जहाँ वर्षों से जमीन की अदला-बदली हो चुकी है, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे कानूनी मान्यता नहीं मिल पा रही थी। अब लिखित सहमति और व्यावहारिक कब्जा ही बदलैन की वैधता के लिए पर्याप्त होंगे।”
इस फैसले से राज्यभर के हजारों किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जमीन संबंधी विवादों में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
Jehanabad News: Bihar government has made land exchange easy, now the exchange will be valid only with verbal consent and written acceptance
Author: AK
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