जहानाबाद में महिला सब इंस्पेक्टर ने एएसआई पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया, सुरक्षा की गुहार लगाई है।
Jehanabad: Woman SI Molested, ASI Threatens to Kill
जहानाबाद में महिला पुलिस अधिकारी से अभद्रता: क्या वर्दी की सुरक्षा भी अब सवालों के घेरे में?
भारतीय समाज में महिला सुरक्षा को लेकर कई पहल की जा रही हैं, लेकिन जब खुद कानून की रखवाली करने वाली महिला पुलिस अधिकारी ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह हमारे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। बिहार के जहानाबाद जिले में हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक प्रशिक्षु महिला सब इंस्पेक्टर ने अपने ही विभाग के एक एएसआई पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना की शुरुआत: एक सामान्य दिन की असामान्य सच्चाई
बैरक में घटा हादसा
महिला सब इंस्पेक्टर, जो सिकरिया थाने में तैनात हैं और वर्तमान में नगर थाने में प्रशिक्षण पर हैं, ने बताया कि 9 मार्च 2025 को वह बैरक में थीं। उसी बैरक में बगल के कमरे में एएसआई मनोज पांडेय भी रहते हैं। जब वह बाथरूम के लिए बाहर निकलीं, तभी एएसआई सामने आए और उन्होंने अचानक अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।
जब बात बिगड़ी धमकी तक पहुंची
महिला ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो मनोज पांडेय ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा, “अगर तुमने शिकायत की तो तुम्हें जिंदा नहीं रहने दूंगा। मैं निलंबित हो गया तो तुमको भी खत्म कर दूंगा।”
पीड़िता की हिम्मत और शिकायत की प्रक्रिया
डर और चुप्पी के बीच उठाया हिम्मत भरा कदम
पीड़िता ने बताया कि वह कई दिनों तक डरी-सहमी रहीं। लेकिन आखिरकार 28 मार्च को उन्होंने जहानाबाद के एसपी अरविंद प्रताप सिंह से लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
आंतरिक जांच समिति की भूमिका
एसपी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक शिकायत समिति को जांच का आदेश दिया है। समिति इस मामले की पड़ताल कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा की मांग और बढ़ती चिंता
धमकियों का सिलसिला
महिला सब इंस्पेक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि एसपी से शिकायत करने के बाद उन्हें लगातार फोन और अन्य माध्यमों से केस को “मैनेज” करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
हत्या की आशंका
पीड़िता ने मीडिया से बात करते हुए यह तक कह दिया कि उन्हें डर है कि आरोपी एएसआई उनकी हत्या करा सकता है। इसलिए उन्होंने एसपी से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस विभाग के अंदर की महिलाओं की स्थिति
सवाल उठाता है यह मामला
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में महिला कर्मियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। जब विभाग के अंदर ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की बात कैसे की जा सकती है?
क्या वर्दी अब डर से भरी हुई है?
महिला अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह घटना उनके आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनका करियर ही नहीं, जीवन भी संकट में आ जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया: अगला कदम क्या?
एसपी की प्रतिक्रिया
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और समिति की जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
IPC के तहत संभावित धाराएं
अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी एएसआई पर IPC की धारा 354 (महिला से छेड़छाड़), 506 (धमकी देना) और 509 (शब्दों या इशारों द्वारा अपमानित करना) के तहत कार्रवाई हो सकती है।
महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम
आंतरिक सुरक्षा तंत्र की पुनर्रचना
विभाग के भीतर ही ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सख्त और पारदर्शी तंत्र की जरूरत है। आंतरिक शिकायत समितियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।
महिला पुलिस अधिकारियों की काउंसलिंग
ऐसे मामलों में पीड़ित महिला अधिकारियों के लिए काउंसलिंग और मानसिक सहयोग अनिवार्य है, ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत रह सकें और सिस्टम पर भरोसा बनाए रख सकें।
सख्त सजा से मिलेगा संदेश
अगर आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसे जल्द और सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि यह संदेश जाए कि महिला अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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- बिहार महिला उत्पीड़न केस
Author: AK
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