जहानाबाद जिले के निबंधन कार्यालय ने 106% लक्ष्य हासिल कर बीते पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा। डिजिटल पंजीकरण और भौतिक सत्यापन से राजस्व में हुआ बड़ा इजाफा।
Jehanabad Breaks 5-Year Record in Land Registration Revenue, Digitization Boosts Transparency
जमीन रजिस्ट्री से बढ़ा राजस्व, जहानाबाद निबंधन कार्यालय ने बनाया रिकॉर्ड
बिहार के जहानाबाद जिले में भूमि खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियों में इस साल ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। जिले के निबंधन कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में न केवल लक्ष्य को पूरा किया, बल्कि पिछले पांच साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
पांच साल में पहली बार 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्ति
निबंधन विभाग ने 57.22 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन कार्यालय ने इसे पार करते हुए 61.14 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली की। यह 106% लक्ष्य प्राप्ति है, जो बीते वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग को 49 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, लेकिन वह केवल 30 करोड़ तक पहुंच पाया था।
14 हजार से अधिक जमीन सौदे, रिकॉर्ड दस्तावेज पंजीकृत
इस साल कुल 14,285 लोगों ने जमीन की खरीद-बिक्री की। रजिस्ट्री में पारदर्शिता लाने और राजस्व चोरी रोकने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति के तहत भौतिक सत्यापन को प्राथमिकता दी। इससे फर्जीवाड़ा और कर चोरी पर रोक लगी।
डिजिटल प्रक्रियाओं से आसान हुई रजिस्ट्री
अब शादी पंजीकरण से लेकर जमीन की रजिस्ट्री तक की सारी प्रक्रियाएं डिजिटल हो गई हैं।
- आने वाले समय में ऑनलाइन स्टांप पेपर की भी सुविधा शुरू होगी।
- इससे विक्रेताओं और खरीदारों को वेंडरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा भी शुरू
निबंधन पदाधिकारी ऋषि कुमार सिन्हा ने बताया कि ऐसे विक्रेताओं के लिए जो कार्यालय आने में असमर्थ हैं, विभाग ने घर जाकर इकरारनामा करने की व्यवस्था की है।
इस साल करीब 12 विक्रेताओं के घर जाकर यह सेवा दी गई है, जिससे विभाग की जनसेवा में प्रतिबद्धता भी दिखती है।
अन्य विभागों का प्रदर्शन
परिवहन विभाग: लक्ष्य से पीछे, फिर भी बेहतर प्रयास
परिवहन विभाग को 27.20 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था। विभाग 88% लक्ष्य प्राप्त कर सका। हालांकि, पिछले दो वर्षों से डीटीओ का पद रिक्त है और वरीय उपसमाहर्ता इस पद का कार्यभार संभाल रहे हैं।
खनन विभाग: लापरवाही के कारण लक्ष्य से दूर
खनन विभाग को 33 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, लेकिन विभाग केवल 28 करोड़ रुपये की ही वसूली कर पाया।
- पदाधिकारी अक्सर अरवल जिले में व्यस्त रहते हैं।
- फोन कॉल का जवाब न देना, और नियमित उपस्थिति न होना कार्यशैली की बड़ी कमियां हैं।
- अवैध खनन पर पुलिस द्वारा की गई जब्ती के बावजूद विभाग राजस्व वसूली में पिछड़ता रहा।
निष्कर्ष
जहानाबाद का निबंधन कार्यालय जहां डिजिटल पहल और जिम्मेदार नेतृत्व के साथ राजस्व बढ़ाने में सफल रहा, वहीं खनन और परिवहन विभागों को अब सुधार की सख्त जरूरत है।
सरकार यदि सभी विभागों में समान रूप से डिजिटलीकरण और जवाबदेही लागू करे, तो राज्य के राजस्व में बड़ा इजाफा संभव है।
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Author: AK
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