
जहानाबाद, 24 जनवरी 2025: एनीमिया मुक्त भारत प्रोग्राम के तहत जहानाबाद में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाओं को एनीमिया टूल किट का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि 6 माह से 59 माह के बच्चों को सप्ताह में दो बार 1ml आयरन सिरप दिया जाएगा। 5 से 9 वर्ष के बच्चों को पिंक आयरन की गोली और 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को नीला आयरन की गोली सप्ताह में एक दिन (प्रत्येक बुधवार) को खिलाई जाएगी।
डॉ. प्रमोद, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने MCP कार्ड और बच्चों के टीकाकरण की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एनीमिया की पहचान और उसके उपचार की प्रक्रिया समझाई। सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद ने कहा कि जहानाबाद को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए आयरन की गोलियां हर स्तर पर उपलब्ध कराई गई हैं। इन गोलियों को लाभार्थियों तक पहुँचाने और उनके सेवन की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में रवि रंजन, पीरामल फाउंडेशन ने मासिक प्रतिवेदन के प्रारूपों और उसकी समय पर प्रस्तुति की प्रक्रिया समझाई। धीरज, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक, ने कहा कि पीढ़ीगत एनीमिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए आयरन की दवा का सेवन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट आलोक कुमार ने प्रोग्राम के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया और घोषणा की कि अगले तीन माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा।
अंकिता रंजन, जिला आरबीएसके कोऑर्डिनेटर, ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी दी और अनुरोध किया कि यदि किसी बच्चे में हृदय से संबंधित समस्या पाई जाती है तो तुरंत सूचित किया जाए।
कार्यशाला का समापन सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से एनीमिया मुक्त जहानाबाद बनाने के लिए समर्पित प्रयास करने का आह्वान किया।
Author: AK
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