
रविवार शाम को नागपुर में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा के 19 शिवसेना के 11 और एनसीपी के 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। टीम के नवनियुक्त मंत्रियों में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप में ईडी जांच कर रही है। हालांकि किसी के भी खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जांच की आंच का सामना कर रहे नेताओं में प्रताप सरनाईक, हसन मुश्रिफ, धननंजय मुंडे का नाम शामिल है। किसी भी नेता के नाम की क्लोजर रिपोर्ट अदालत नहीं पहुंची है, जिससे संकेत मिलते हैं कि इनके खिलाफ जांच जारी है। इधर, भाजपा के गिरीश महाजन को सीबीआई से क्लियरेंस मिला है। खास बात है कि मुंडे, मुश्रिफ, सरनाईक पर ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे, तब ये विपक्ष में थे और बाद में सरकार में शामिल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, इनके खिलाफ केस जारी हैं और कथित तौर पर इनसे जुड़ी कंपनियों और कुछ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई हैं।
नवंबर में घोषित नतीजों में महायुति ने राज्य की 288 में से 230 सीटों पर जीत हासिल की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, महाविकास अघाड़ी सरकार के समय महाजन के खिलाफ जबरन वसूली और अपहरण के आरोप थे। वह सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे और बाद में शिंदे सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई की तरफ से महाजन को क्लियरेंस मिल चुका है। मुश्रिफ के खिलाफ भी ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छापामार कार्रवाई कर चुकी है। मुंडे पुस गांव में 17 एकड़ प्लॉट को लेकर ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। यह प्लॉट पहले बेलखांडी मठ के पुजारी को भेंट किया गया था। साल 2012 में मुंडे ने पुजारी के उत्तराधिकारियों से इसे हासिल किया। सरानाइक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की दो जांच चल रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि दो दिन में साफ हो जाएगा कि किसे कौन सा विभाग दिया जाएगा। सीएम फडणवीस ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज 39 नेताओं ने शपथ ली है, इनमें से 6 राज्य मंत्री हैं।
दो दिन में साफ हो जाएगा कि किसे कौन सा विभाग दिया जाएगा। वहीं जानकारी के अनुसार शपथ लिए मंत्रियों का कार्यकाल पांच साल का नहीं, बल्कि ढाई साल का होगा और मंत्री पद का शपथ लेने के बाद उन्हें शपथ पत्र भी लिखना होगा।इसे लेकर अजित पवार और एकनाथ शिंदे का बयान सामने आया है, लेकिन यह फॉर्मूला बीजेपी के मंत्रियों पर लागू होगा या नहीं। यह अभी साफ नहीं है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी संकेत दिया है कि जिन नेताओं को मंत्री पद मिला है, वे केवल ढाई साल तक ही इस पद पर रह सकते हैं।शिवसेना के मंत्रियों से शपथ पत्र लिखवाया जाएगा। जिन नेताओं को मंत्री पद का मौका दिया गया है उन्हें सिर्फ ढाई साल के लिए ही मंत्री पद दिया जाएगा। उसके बाद ये मंत्रालय छोड़ना पड़ेगा। इसका उल्लेख शपथ पत्र में किया जाएगा। मंत्री पद की शपथ से पहले शिवसेना पार्टी की बैठक हुई। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नेताओं को यह जानकारी दी है ।
Author: AK
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