
जहानाबाद बाल विद्या मंदिर स्कूल में NEP के तहत बच्चों के द्वारा साइंस मॉडल के अंतर्गत चंद्रियान -3 का मॉडल बनाया गया एवं विद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया है ।वहीं मौके पर उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य महोदया ने बताये कि चंद्रयान-3 चंद्रयान-2 का अनुवर्ती मिशन है, जो चांद की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और घूमने में संपूर्ण क्षमता का प्रदर्शन किया है ।यह विकसित भारत के शखनांद का है ।यह नए भारत के जय घोष का यह सफलता भारत में नई ऊर्जा नई चेतना का है ।इसरो के सफलता को और त्याग से सिखने कि जरूरत है और आने वाले समय में अपना सर्वोच्च देकर इतिहास रचने कि जरूरत है ।वही मोके पर उपस्थित निदेशक अक्षय कुमार ने बताये कि हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम और प्रतिभा से चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचा है, जहां दुनिया का कोई देश भी नहीं पहुंच सका है. अब चांद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे और कथानक बदल जाएंगे, नई पीढ़ी के लिए कहावतें भी बदल जाएगी। एवं प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पेड़-पौधे लगाना बहुत ज़रूरी है। पेड़-पौधों के माध्यम से प्रकृति सभी प्राणियों पर अनंत उपकार करती है।मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे ।
Author: AK
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