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बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत सहित कई घायल, मृतकों और घायलों की सूची सहित पूरी रिपोर्ट

Baba Siddheshawnath Temple Rampant killed 7 in Barabar of Jehanabad, Bihar
Baba Siddheshawnath Temple Rampant killed 7 in Barabar of Jehanabad, Bihar
Stampede at Baba Siddheshwar Nath Temple at Bihar’s Jehanabad Leaves 7 Dead and Many Injured: Full Report with List of Victims

बिहार के जहानाबाद में स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ के मंदिर में अचानक मची भगदड़ की चपेट में आकर 7 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में 3 महिलाएं शामिल हैं. जबकि इस हादसे में 35 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं. सावन के चौथे सोमवार के चलते सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ सोमवार देर रात से ही लगी हुई थी. यह घटना सोमवार को रात करीब 1:00 बजे घटित हुई. बताया जा रहा है कि श्रद्धालु एवं फूलवाले के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई. इस दौरान उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज की गई. इसके बाद मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई.

जहानाबाद के नगर थाना प्रभारी दिवाकर कुमार विश्वकर्मा ने कहा, “मंदिर में भगदड़ मचने के कारण कुछ लोग दब गए, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो गई. जबकि 35 लोग घायल हो गए.” जबकि जिलाधिकारी कार्यालय जे प्राप्त सूचना के अनुसार मृतकों की संख्या 7 तो घायलों की मात्र 16 बताई जा रही है। हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले थे। उनके अनुसार मृतकों की संख्या 20 से अधिक है तो घयलोंकी संख्या 50-60 हो सकता है। उनका कहना है कि इस भगदड़ के बाद कई लोग इलाज के लिए गया कि ओर निकल गये तो कुछ मृतकों को अपने घर ले कर चले गए। हालांकि डी डब्लू समाचार इसकी पुष्टि नही करता। वहीं श्रद्धालुओं ने यह भी दावा किया है की पुलिस-प्रशासन अगर सजग रहती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।

मरने वालों को परिजनों ने तो यह तक आरोप लगा दिया कि अगर पुलिस लाठियां नहीं चटकाती तो भगदड़ ही नहीं मचती। पुलिस की लाठी के डर से लोग इधर-उधर भागने लगे। इधर, प्रत्यक्षदर्शी मनोज कुमार ने बताया कि सीढ़ी पर फूलवालों के बीच हाथापाई हुई। वहां पुलिस भी नहीं थी। अगर पुलिसकर्मी रहते तो फूलवालों के बीच हाथापाई भी नहीं होती। यह सब मेरे सामने ही हुआ। इतने सारे हममें से लोग वहां फंसे हुए थे, किसी ने मुझे वहां से निकाला। अगर मैं एक या दो मिनट और वहां फंसा रहता, तो भगदड़ के कारण मेरी मौत हो जाती। वहीं अस्पताल में एक महिला ने बताया कि धक्का-मुक्की के कारण ही ऐसा हुआ। भीड़ पूरी तरह बेकाबू हो गई थी।

वहीं मखदुमपुर निवासी कृष्णा कुमार ने दावा किया है कि सात से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहानाबाद सदर अस्पताल में कोई विधि व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं जहानाबाद पहाड़ पर भी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। केवल चार-पांच पुलिसकर्मी किनारे-किनारे खड़े थे। कोई देखरेख करने वाला नहीं था। इस कारण दर्शन करने वाले श्रद्धालु मनमानी कर रहे थे। धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दो तरफ से रास्ता खुलने के कारण ऊपर काफी भीड़ हो जाती है। इसी कारण भगदड़ मची। मेरे परिवार से एक 20 साल की लड़की (निशा कुमारी) की मौत हो गई। एक लाश गाड़ी में पड़ी है। वह 35 साल के युवक की लाश है। अगर विधि व्यवस्था दुरुस्त रहती तो 35 साल का युवक नहीं मरता। एक मासूम बच्चे की मां मर गई है। वह रो-बिलख रहा है। उसे कोई देखने वाला है। एक-एक एंबुलेंस में चार-चार लोगों की लाशें लोड कर भेजी गई है।

Stampede at Baba Siddheshwar Nath Temple at Bihar’s Jehanabad Leaves 7 Dead and Many Injured Full Report with List of Victims

बताया जाता है कि पतालगंगा की ओर जो सीढ़ी जाती है उसपर भारी संख्या में श्रद्धालु चढ़ और उतर रहे थे। इसी बीच सीढ़ी पर ही कुछ श्रद्धालुओं (कुछ लोग इन्हें फूल वाला बता रहे) के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिसकर्मियों ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की। पुलिस की लाठी देख लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़कर जा रहे थे। जिसमें कई लोग घायल हो गए और पांच महिला समेत सात लोगों की मौत हो गई। श्रद्धालुओं के परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन तत्पर होती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। वहीं वरीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है। जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी।

घटना की जानकारी होते ही जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव भी सदर अस्पताल पहुंच वहां का हाल जाना और शोकव्यापत परिवारों के लिए दुख जाहिर किया। वहीं संसद ने लोगों को भरोसा दिलाया कि एक टीम गठित कर इसकी जांच करवाएंगे और जांच में दोसी पाये जाने पर किसी को बख्शा नही जाएगा।

वहीं जहानाबाद विधायक सुदय यादव ने भी इस घटना पर अपना दुख व्यक्त किया है और तुरंत सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंच कर वहां की विधि व्यवस्था का जायजा लिया और घायलों का हाल जाना और इस पूरी घटना की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, जहानाबाद को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है की हर वर्ष इतनी भीड़ सावन में आती है उसके लिए जितनी व्यवस्था होगी चाहिए उतनी प्रशासन कर नहीं पाया। वहीं बिहार सरकार से मांग की है की मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाए और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसका भी इंतजाम किया जाए।

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतक के परिवारों को चार-चार लाख मुआवजे का ऐलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का उचित इलाज का भी आदेश दिया है। मरने वालों में छह महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। हादसे की जांच में जहानाबाद जिला प्रशासन जुट गया है। अपनी संवेदना में मुख्यमंत्री ने कहा है कि जहानाबाद की यह घटना काफी दुखद और पीड़ा देने वाली है।

पूजा करने आए श्रद्धालुओं की इस तरीके से मौत हो जाना बहुत दुखद है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो भी लोग इस घटना में घायल हुए हैं उनकी पूरी तत्परता से इलाज कराई जाए और जो लोग मौत के शिकार हो गए उनके परिजनों को अविलंब चार-चार लाख का मुआवजा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने इस घटना में मारे गए लोगों के परिवार जनों को धैर्य धारण करने का आग्रह किया है।

मृतकों की सूची:

  1. निशा देवी, (45 वर्ष), खड़रिया बिगहा, एरकी, जहानाबाद
  2. सुशीला देवी, (40 वर्ष), पिता राजू कुमार, गेहलबिगहा, नदौल, मसौढ़ी पटना
  3. पूनम देवी, (40 वर्ष), जितेन्द्र साव, मउ बाजार, गया
  4. किरण कुमारी, (25 वर्ष), पिता शिवशंकर, मसौढ़ी पटना
  5. प्यारे पासवान (32 वर्ष), , पिता संजीवन पासवान, मोबारकपुर, संडा, नालंदा
  6. निशा कुमारी, (21 वर्ष), पिता सुभाष प्रसाद, लड़ौआ, मखदुमपुर, जहानाबाद
  7. बबीता देवी, (35 वर्ष), महादेवपुर, थाना पाली जहानाबाद

घायलों की सूची:

  1. सतीश कुमार ग्राम काकरिया, हिलसा, नालंदा
  2. राखी कुमारी उमरी (11 वर्ष) घर घोसी,
  3. सियामणि देवी (50 वर्ष) घर सभापुर,
  4. सृष्टि कुमारी (उम्र 8 वर्ष) ग्राम कृपागंज नालंदा
  5. वासो कुमारी (उम्र 12 वर्ष) महादेवपुर नालंदा
  6. राकेश कुमार (उम्र 22 वर्ष) मसौढ़ी पटना
  7. संजू कुमारी (उम्र 22 वर्ष) ग्राम मुगल विगहा काको
  8. किरण देवी (उम्र 30 वर्ष) मसौढ़ी
  9. सुनैना देवी (32 वर्ष) मसौढ़ी
  10. दिनेश कुमार (14 वर्ष) मसौढी
  11. मनोज कुमार (35 वर्ष) सेवनन जहानाबाद
  12. सोनी देवी (28 वर्ष) मसौढ़ी
  13. मनीष कुमार ( 11 वर्ष) मसौढ़ी
  14. सिमरन कुमारी (4 वर्ष) घर पलेया मखदुमपुर
  15. अनुराधा देवी ( 32 वर्ष) ग्राम महादेवपुर जिला नालंदा
  16. अमन कुमार ( 14 वर्ष) ग्राम ढीबरा पर हिलसा
  17. सपना कुमारी (14 वर्ष ) ग्राम नोआमा, जहानाबाद
  18. सोनी कुमारी ( 30 वर्ष) एरकी जहानाबाद
  19. प्रिंस कुमार (10 वर्ष) मऊ बाजार, गया
  20. लालू कुमार (29 वर्ष) ग्राम लालसे बिगहा हिलसा
  21. सौरभ कुमार (10 वर्ष) ग्राम महादेवपुर, नालंदा
  22. फूलमंती देवी (50 वर्ष) परस विगहा जहानाबाद
  23. खुशबू देवी ( 25 वर्ष) ग्राम कृपागंज नालंदा
  24. सपना कुमारी, ( 18 वर्ष) , नोआवां, जहानाबाद
  25. आंनद मोहन, ( 22 वर्ष) धुरिया-महमदपुर, जहानाबाद
  26. मुस्कान कुमारी( 18 वर्ष), ग्राम महादेवपुर, नालंदा
Jehanabad District Administartion Press Release on Barabar Rampant News
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Author: AK

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