बुध, फ़रवरी 25, 2026

Trump Threatens Tariffs Over Greenland: ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकी, टैरिफ से डराने की नीति

India–US Trade Deal Rift Inside White House

डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर देशों को टैरिफ की धमकी दी। जानिए इसके कारण, वैश्विक राजनीति पर असर और यूरोप की प्रतिक्रिया।


Trump Threatens Tariffs Over Greenland Support


परिचय: ग्रीनलैंड से जुड़ा बयान और दुनिया में हलचल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने आक्रामक बयानों को लेकर वैश्विक चर्चा में हैं। इस बार मुद्दा है ग्रीनलैंड। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि जो देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की योजना का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति से जुड़ा गंभीर संकेत है।
ग्रीनलैंड, जो प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर और रणनीतिक रूप से बेहद अहम द्वीप है, लंबे समय से अमेरिका और यूरोप के बीच चर्चा का विषय रहा है। ट्रंप का यह नया रुख वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है।


ग्रीनलैंड क्यों है अमेरिका के लिए इतना अहम

भौगोलिक और सामरिक महत्व

ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका और आर्कटिक क्षेत्र के बीच स्थित है। यह इलाका:

  • सैन्य दृष्टि से रणनीतिक
  • आर्कटिक मार्गों की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण
  • प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध

अमेरिका का मानना है कि भविष्य में आर्कटिक क्षेत्र वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र बन सकता है। इसलिए ग्रीनलैंड पर प्रभाव बढ़ाना उसके दीर्घकालिक सुरक्षा हितों से जुड़ा है।

प्राकृतिक संसाधनों की भूमिका

ग्रीनलैंड में दुर्लभ खनिज, तेल और गैस के संभावित भंडार मौजूद हैं। ये संसाधन तकनीकी उद्योग और रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी हैं। इसी वजह से अमेरिका लंबे समय से यहां अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।


ट्रंप की नई रणनीति: टैरिफ को हथियार बनाना

“मैं टैरिफ का सहारा ले सकता हूं”

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका का साथ नहीं देता, तो वह उस पर टैरिफ लगाकर दबाव बना सकते हैं। उनके अनुसार:

  • टैरिफ एक आर्थिक सजा है
  • इससे देशों को नीति बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है
  • पहले भी उन्होंने इसी तरीके से व्यापारिक समझौते करवाए हैं

यह बयान दर्शाता है कि ट्रंप विदेश नीति में आर्थिक दबाव को मुख्य औजार मानते हैं।


यूरोप और डेनमार्क की प्रतिक्रिया

डेनमार्क की भूमिका

ग्रीनलैंड औपचारिक रूप से डेनमार्क के अधीन है, हालांकि इसे व्यापक स्व-शासन प्राप्त है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि:

  • ग्रीनलैंड कोई बिक्री की वस्तु नहीं है
  • अमेरिका का नियंत्रण स्वीकार्य नहीं
  • किसी भी तरह का दबाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है

यूरोपीय देशों की चिंता

यूरोप के कई देश इस बयान को अमेरिका की एकतरफा विदेश नीति का उदाहरण मानते हैं। उनका मानना है कि टैरिफ की धमकी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग कमजोर होगा।


अमेरिकी कांग्रेस का डेनमार्क दौरा

ट्रंप की धमकियों के बीच अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य डेनमार्क पहुंचे हैं। वे:

  • डेनमार्क की प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे
  • ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री से भी बातचीत करेंगे
  • इस मुद्दे पर राजनयिक समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे

यह दौरा दिखाता है कि मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी गंभीर है।


ग्रीनलैंड की जनता की राय

स्थानीय लोगों का नजरिया

ग्रीनलैंड की आबादी लगभग 57,000 है। यहां के लोग:

  • अमेरिका में शामिल होने के विचार के विरोधी हैं
  • डेनमार्क से पूरी तरह अलग होने पर भी अलग-अलग मत रखते हैं
  • अपनी पहचान और स्वायत्तता को प्राथमिकता देते हैं

उनका मानना है कि किसी भी बड़े देश का दबाव उनकी राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।


वैश्विक व्यापार पर संभावित असर

टैरिफ का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यदि अमेरिका वास्तव में टैरिफ लगाता है, तो:

  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार महंगा होगा
  • यूरोप-अमेरिका व्यापार संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं
  • उपभोक्ताओं पर कीमतों का बोझ बढ़ेगा

टैरिफ नीति पहले भी वैश्विक बाजारों में अस्थिरता ला चुकी है।


ट्रंप की विदेश नीति: दबाव और सौदेबाजी

डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति का एक प्रमुख पहलू है:

  • आर्थिक दबाव बनाकर राजनीतिक लक्ष्य हासिल करना
  • द्विपक्षीय सौदों को प्राथमिकता देना
  • बहुपक्षीय समझौतों से दूरी बनाना

ग्रीनलैंड पर उनका रुख इसी नीति का विस्तार माना जा रहा है।


क्या सैन्य विकल्प भी संभव है

ट्रंप पहले संकेत दे चुके हैं कि वह ग्रीनलैंड के लिए सैन्य विकल्प से भी इनकार नहीं करते। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा
  • इससे अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंचेगा
  • नाटो और यूरोपीय देशों के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ग्रीनलैंड की बढ़ती अहमियत

आर्कटिक क्षेत्र की दौड़

आज कई बड़ी शक्तियां आर्कटिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। ग्रीनलैंड इस दौड़ का केंद्र बन चुका है। अमेरिका, रूस और चीन सभी की नजर यहां है।


निष्कर्ष: धमकी या कूटनीति

डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर टैरिफ की धमकी केवल एक बयान नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का अहम संकेत है। यह दिखाता है कि भविष्य में भी व्यापार और राजनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े रहेंगे।
अब देखना यह है कि दुनिया इस दबाव की नीति को स्वीकार करती है या कूटनीतिक रास्ता अपनाती है।


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Author: AK

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