सोम, मार्च 23, 2026

राजधानी में दीपावली पर नहीं बल्कि पूरे साल बैन लगाया जाए, दिल्ली सरकार की लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट का एक्शन

Supreme Court Takes Action on Delhi Government's Negligence, Suggests Year-Round Ban Instead of Only on Diwali in the Capital
Supreme Court Takes Action on Delhi Government's Negligence, Suggests Year-Round Ban Instead of Only on Diwali in the Capital

राजधानी दिल्ली में रहने वाले ऐसे लोग जो पटाखों से निकलने वाले धुएं से परेशान हैं उनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। साथ ही पुलिस को फटकार भी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से कहा कि वो हलफनामा दाखिल कर बताएं कि पटाखों पर बैन सुनिश्चित करने के लिए उनकी ओर से क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में सालभर पटाखा बैन करने पर 25 नवंबर तर फैसला लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आखिर पटाखों पर बैन का आदेश सिर्फ दीवाली तक ही क्यों सीमित है? साथ ही दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने फायर क्रैकर बैन के नाम पर जो कार्रवाई की है वह महज एक दिखावा है। कोर्ट को बताया गया कि 14 अक्टूबर को दिल्ली में पटाखे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई। हालांकि, कोर्ट ने पूछा कि क्या दिल्ली पुलिस ने पटाखों की गैरकानूनी स्टोरेज पर कार्रवाई की? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताई। दिल्ली के पटाखों पर पूरी तरीके से बैन के आदेश पर अमल न होने पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा मानना है कि कोई भी धर्म प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधि को प्रोत्साहित नहीं करता। आर्टिकल 21 के तहत ये लोगों का मौलिक अधिकार है कि लोगों को जीने के लिए प्रदूषण मुक्त वातावरण मिले। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पटाखों पर बैन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी ओर से कोई गंभीर प्रयास नहीं किए।सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के लिए विशेष सेल बनाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि पटाखों पर बैन के आदेश पर अमल के लिए स्थानीय एसएचओ की जवाबदेही तय की जाए। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से भी कहा कि वह पटाखों पर बैन को पूरे साल भर जारी रखने को लेकर 25 नवंबर से पहले फैसला ले ले। साथ ही कोर्ट ने एनसीआर के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों को भी पटाखों पर बैन को लेकर 25 नवंबर तक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। 31 अक्टूबर की रात बैन के बावजूद दिल्ली में पटाखे जलाए गए। इससे देर रात AQI 400 के पार दर्ज किया गया। 4 नवंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि राज्य में पटाखों पर बैन का मुश्किल से ही पालन हो सका। कोर्ट ने कहा था कि कुछ ऐसा करना होगा ताकि अगले साल दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध के आदेशों का उल्लंघन न हो।

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Author: AK

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