मंगल, अप्रैल 7, 2026

तो क्या अब दिल्ली के राजेन्द्र नगर उपचुनाव में विधायक विकास की जगह स्थानीय और बाहरी के आधार पर तय किया जाएगा

Uttar Pradesh State Election Commission announces to hold two-phase Urban Local Body elections in state, on May 4 and 11
Rajinder Nagar Assembly bypoll DW editorial
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नई दिल्ली, 5 जून। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार कहा था कि दिल्ली तो ऐसी जगह है जहां बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग 500 रुपये का टिकट करके आते हैं और 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज कराकर चले जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में यह बयान बाहरी और स्थानीय लोगों के बीच में विभेद पैदा करने के लिए काफी था। फिर क्या था जब भी केजरीवाल खुद को दिल्ली का लाल बोलते हैं तब भाजपा हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले केजरीवाल को बाहरी बोलकर जुबानी वार करती रहती हैं।

इस बार राजेन्द्र नगर उपचुनाव जो राघव चड्ढा के राज्यसभा पहुँचने के बाद खाली हो गया है, वहां पर केजरीवाल की आप और भाजपा के बीच घमासान होने वाला है। राघव चड्ढा की जगह दुर्गेश पाठक को आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा की ओर से राजेश भाटिया दुर्गेश पाठक को टक्कर देंगे। अब इन दोनों उम्मीदवारों में भाजपा क्या अंतर बताकर रिप्रेजेंट कर रही है उसे भी जान लीजिए। दुर्गेश पाठक इससे पहले भी करावल नगर से आम आदमी पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं जहां उन्हें उस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली विधायक मोहन सिंह बिष्ट से हार झेलनी पड़ी। जबकि राजेश भाटिया राजेन्द्र नगर से निगम पार्षद रहे हैं एवं पूर्व में प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं और लोगों के बीच में काफी मिलनसार भी है। इसलिए भाजपा इस पूरे प्रकरण को बाहरी और स्थानीय से जोड़कर परोस रही है।

भाजपा लगातार आरोप लगस रही है कि आम आदमी पार्टी को कोई स्थानीय उम्मीदवार नहीं मिला तो बाहर से इम्पोर्ट करके मंगवाया है। जबकि राजेश भटिया हमेशा लोगों के बीच रहे हैं। उनके सुख दुख में साथ रहे हैं। अब भाजपा के इस आरोप और भाटिया के लिए किए दावों में कितनी सच्चाई है उसे भी समझते हैं। दरअसल दुर्गेश पाठक आम आदमी पार्टी की ओर से निगम के प्रभारी हैं इसलिए उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि क्षेत्र कौन सा है और कौन सा नही। जबकि राजेश भटिया स्थानीय जरूर है पर एक निगम पार्षद तक। अपने पार्षदीय क्षेत्र से हट कर देखा जाए तो भाटिया के लिए भी यह जंग काफी मुश्किल होने वाला है।

केजरीवाल पहले ही अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देश विदेशों में भी सबको लोहा मनवा चुके हैं हालांकि भाजपा इससे हमेशा परे रही है। जबकि चुनाव शुरू से हो के पहले ही पानी की हो रही किल्लत को भाजपा ने राजेन्द्र नगर के लिए मुद्दा बना दिया है लेकिन इस बाहरी स्थानीय के चक्कर में यह मुद्दा गुम होता दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं अगर सूत्र की माने तो भाजपा की ओर से राजेन्द्र नगर सीट पर कई दावेदार शामिल थे। राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजन तिवारी भी इस दौड़ में थे लेकिन फिलहाल राजेश भाटिया पर भाजपा ने भरोसा जताया है।

AK
Author: AK

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