मंगल, मार्च 17, 2026

इस देश में रमजान महीने को लेकर बनाए गए हैं कड़े नियम, रोजा तोड़ने वालों पर जुर्माना के साथ जेल की सजा भी होती है

Raids and fines for Ramadan fast breaking spotlight rising religious conservatism in multicultural Malaysia
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भारत में रमजान महीने का आज आखिरी दिन है। यानी आज आखिरी रोजा है। कल पूरे देश भर में ईद धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। वहीं सऊदी अरब समेत कुछ देशों में ईद का त्योहार आज मनाया जा रहा है। रमजान इस्लामिक कैलेंडर में सबसे पवित्र महीना माना जाता है। मुस्लिम लोग एक महीने रोजा रखने के बाद ईद मनाते हैं। इस दौरान सभी मुसलमान रोजा रखते हैं जिस के चलते दिन में खाने, पीने से परहेज करते हैं और सूर्यास्त के बाद अपना रोजा तोड़ते हैं।

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लेकिन मलेशिया एक ऐसा देश है, जहां रोजा को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। मलेशिया में रमजान के दौरान बीच में रोजा तोड़ने वालों पर 16 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें 1 साल जेल की सजा भी दी जा रही है। पुलिस सड़क पर गश्त कर रही है। पुलिस कभी वर्दी तो कभी सादे कपड़ों में खाने-पीने की जगहों पर रेड डाल रही है। अगर कोई गैर-मुस्लिम व्यक्ति भी एक मुस्लिम को खाना, पानी या तंबाकू बेचते मिलता है, तो उसे सजा होती है। पिछले साल देश के मलक्का राज्य में 100 मुस्लिमों को बीच में रमजान तोड़ने पर गिरफ्तार किया गया था। जबकि साल 2022 में यह आंकड़ा 41 तक सीमित था। मलेशिया की आबादी करीब 3.4 करोड़ है, इनमें से करीब 2 करोड़ लोग मुस्लिम हैं। इनके लिए शादी, तलाक और रमजान जैसे मौकों पर शरिया कानून का पालन करना जरूरी होता है। देश में बड़ी संख्या में चीनी और भारतीय अल्पसंख्यक भी रहते हैं, जिनमें बौद्ध, ईसाई और हिंदू भी शामिल हैं।

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Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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