
आज 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के मौके पर भाजपा सड़क पर उतर गई है। यह दिवस स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मनाया जाता है। राजधानी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक तमाम नेताओं ने विभाजन विभीषिका दिवस मना रहे हैं। लखनऊ लोकभवन में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के बाद मौन यात्रा निकाली गई। जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक भी दिखे। इस दौरान उन्होंने विभाजन को लेकर लिखे संदेश की तख्ती भी अपने हाथ में ली हुई थी। जिस पर लिखा था कि विभाजन का दर्द अनकहा, कई दिलों ने था यह सहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और फिर मौन पदयात्रा पर निकले।वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर देश के बंटवारे के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि आज के दिन वह राष्ट्र में एकता और भाईचारे के बंधन की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं।




पीएम मोदी ने कहा, ‘विभाजन से प्रभावित बहुत से लोगों ने अपने जीवन को नये सिरे से शुरू किया और अपार सफलता प्राप्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1947 में भारत के विभाजन के दौरान अमानवीय पीड़ा से गुजरने वालों को बुधवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास को याद रखता है वह मजबूत भविष्य बना सकता है और एक शक्तिशाली देश के रूप में उभर सकता है। ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन ने 1947 में आज ही के दिन भारत का बंटवारा कर दिया था, जिससे पाकिस्तान का एक नये राष्ट्र के रूप में जन्म हुआ था। बंटवारे के बाद बड़े पैमाने पर हुए दंगों में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और कई लोगों की जान चली गई थी।
शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान अमानवीय पीड़ाओं का सामना किया, जीवन खो दिया और बेघर हो गए। उन्होंने लिखा, अपने इतिहास को स्मृति में बसाकर, उससे सीख लेकर ही एक राष्ट्र अपने मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकता है और एक शक्तिशाली देश के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से इस दिवस को मनाने की परंपरा राष्ट्रनिर्माण की ओर उठाया गया मजबूत कदम है। देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2021 में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के बारे में घोषणा करते हुए कहा था कि यह दिवस लोगों के संघर्ष और बलिदानों की याद में मनाया जाएगा क्योंकि बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। बता दें कि केंद्र में भाजपा की सत्ता आने के बाद से स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभाजन की स्मृतियों को याद किया जाता है।
यह भी पढ़े: इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चुनावी चंदे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












