
पहले नीट और उसके बाद यूजीसी नेट परीक्षा विवाद पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला। राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ कारणों से नरेंद्र मोदी भारत में पेपर लीक नहीं रोक पा रहे या रोकना नहीं चाह रहे हैं। राहुल ने कहा, पेपर लीक के पीछे कारण यह है कि एजुकेशन सिस्टम को भाजपा के पेरेंट ऑर्गनाइजेशन ने कैप्चर कर लिया है। जब तक इसे पलटा नहीं जाएगा, तब तक पेपर लीक जारी रहेगा। मोदी जी ने यह होने दिया है, जो कि एंटी-नेशनल एक्टिविटी है। पहले पीएम का 56 इंच का सीना था, अब 30-32 हो गया है। राहुल गांधी ने कहा कि, पेपर लीक में जो भी जिम्मेदार है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा- मध्य प्रदेश में व्यापम हुआ और उसे व्यापम को नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पूरे देश में फैला रही है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि, शिक्षा व्यवस्था का डिमॉनेटाइजेशन हो गया है। निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। हम संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे। बता दें कि देशभर में 18 जून को आयोजित यूजीसी नेट 2024 परीक्षा रद करने का फैसला लिया गया है। नेट पेपर लीक आशंका और परीक्षा रद के बाद तमाम निराशा और गुस्से में हैं। क्योंकि परीक्षा रद होने से न सिर्फ समय खराब होता है बल्कि उम्मीदवारों की हिम्मत और परिवार की उम्मीद भी टूटती है। ऐसे भी कई उम्मीदवार परीक्षा देते हैं जिनका परिवार शायद आगे परीक्षा में बैठने का चांस भी न दे। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा एजेंसी एनटीए को खत्म करने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, ईमानदार लोगों को काम दिया जाएगा तो पेपर लीक नहीं होगा। छात्रों पर हर तरफ से प्रेशर है। बेरोजगारी है। मोदी सरकार बेरोजगारी की समस्या के समाधान में विफल रही है। पीएम मोदी को चिंता स्पीकर की है। उनको चिंता है की मेरी सरकार बच जाए, तो मेरा स्पीकर चुन लिया जाए। उन्हें छात्रों की चिंता नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस के बाद राहुल गांधी ने नीट के छात्रों से अपने आवास पर मुलाकात भी की।
Author: AK
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