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केंद्र सरकार द्वारा सेना भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’योजना की घोषणा के बाद से इसका विरोध तेज हो गया है। बिहार के कई जिलों में आज दूसरे दिन लगातार इसका विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्य के जहानाबाद, नवादा, सहरसा आरा जिलों में युवा प्रदर्शनकारी लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतर आए हैं। छात्रों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ट्रेनों को भी निशाना बनाया है। बताया जा रहा है कि छात्रों ने आक्रोश में आकर कई स्टेशनों पर ट्रेनों को रोक दी है। इसके अलावा राज्य में छात्रों ने कई जगह हाईवे पर टायर भी जलाए हैं जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है।
जहानाबाद में एनएच 83 पर आगजनी:
बिहार के कई हिस्सों के #अग्निपथ के विरोध में हंगामा।#जहानाबाद में अभ्यर्थियों ने ट्रेन रोकी, पुलिस ने डंडों से पीटकर भगाया। #Agnipath #Agniveer #Jehanabad #Bihar #AgnipathRecruitmentScheme pic.twitter.com/ST9LuuAk8b
— DW Samachar (@dwsamachar) June 16, 2022
छात्रों ने राज्य के जहानाबाद जिले में एनएच 83 पर आगजनी करते हुए विराध जताया। इस कारण यहां थोड़ी देर के लिए यातायात व्यवस्था बाधित रही। छात्रों के विरोध के चलते गया-पटना मुख्य मार्ग पर आवागमन थोड़ी देर के लिए प्रभावित है।
मुंगेर में भारी विरोध:
भभुआ में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन को किया आग के हवाले, जमकर मचाई तोड़-फोड़। #Agnipath #Agniveer #IndianArmy #Bhabhua#Bihar #AgnipathScheme
— DW Samachar Bihar/Jharkhand (@dwsamacharbihar) June 16, 2022
#AgnipathRecruitmentScheme pic.twitter.com/uneRCy9sRc
अग्निपथ योजना के विरोध में मुंगेर में भी प्रदर्शन देखने को मिला। यहां छात्रों ने साफियासराय चौक को जाम कर दिया। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने आगजनी भी की। इससे एनएच और जमालपुर मुंगेर रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
छपरा में भी युवाओं ने किया प्रदर्शन:
#Bihar: सेना भर्ती #अग्निपथ_योजना पर फूटा युवाओं का गुस्सा, छपरा में ट्रेन की बोगी में लगाई आग। #AgnipathRecruitmentScheme #AgnipathScheme #Agnipath #Chapra #AgnipathScheme pic.twitter.com/rvKzFD1d1B
— DW Samachar (@dwsamachar) June 16, 2022
अग्निपथ योजना के विरोध में छपरा में भी युवाओं का प्रदर्शन जारी है। युवाओं ने टायर जलाए और बस में तोड़फोड़ की।
आखिर क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग:
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती पहले की तरह की जाए, टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) को वापस लिया जाए और परीक्षा पहले की तरह आयोजित की जाए। कोई भी सेना में सिर्फ 4 साल के लिए नहीं जाएगा। वहीं जहानाबाद में प्रदर्शन कर रहे एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि केवल 4 साल काम करने के बाद हम कहां जाएंगे? 4 साल की सेवा के बाद हम बेघर हो जाएंगे। इसलिए हमने सड़कों को जाम कर दिया है, देश के नेताओं को अब पता चल जाएगा कि लोग जागरूक हैं। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। महीनों के प्रशिक्षण और छुट्टी के साथ 4 साल की सेवा कैसी होगी? सिर्फ 3 साल के प्रशिक्षण के बाद हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? सरकार को वापस लेनी होगी यह योजना।
Author: AK
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