
शोकांजलि सभा में देश- विदेश से सैकड़ों मगही के जाने-माने कवि व् कवियत्री ,लोकगायक व् लोकगायिका ,समाजसेवी , साहित्यकार व् पत्रकार,मगही प्रेमी विद्वान लोग भाग लेंगे ।
प्रो. डॉ. नागेंद्र नारायण अंतरराष्ट्रीय महासचिव ,विश्व मगही परिषद ,नई दिल्ली ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मगही चौपाल-१०८ में विश्व मगही परिषद, नई दिल्ली के द्वारा दिनांक 23 जून 2024 को अपराह्न 4:30 बजे आयोजित शोकांजलि सभा में विश्व के मगहियन का जुटान होगा। विश्व मगही परिषद परिवार की ओर से विश्व के समस्त मगही समाज को शोक सभा में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया गया है।
डॉ. भरत सिंह का जन्म 13 अगस्त 1958 को बिहार राज्य के नवादा जिले के हिसुआ थाना के पचाड़ा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बच्चू प्रसाद सिंह और माता का नाम गुलाब देवी है।
विश्व मगही परिषद्, नई दिल्ली के संस्थापक अध्यक्ष अउर मगध विश्वविद्यालय बोधगया में हिंदी विभाग के सेवा निवृत्त प्रध्यापक डॉ भरत सिंह जी के आकस्मिक मृत्यु १७ जून २०२४ को हो गया जिससे सभे मगहियन समाज शोकागुल हे और मगही समाज ला अपूरणीय क्षति हे
विश्व के कोने कोने से सभे मगहियन समाज दिवंगत आत्मा के शांति ला शोकांजलि सभा में आके प्रार्थना करथिना विश्व मगही परिषद परिवार एवं संपूर्ण मगही समाज की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि एवं हार्दिक संवेदना प्रेषित करने के लिए शोकांजलि सभा का आयोजन किया गया।

मगही के भगीरथ कहे जाने वाले डॉ. भरत सिंह ने महापंडित राहुल सांकृत्यायन के समान ही मगही भाषा एवं साहित्य के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मगही लेखकों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए उन्होंने बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, नेपाल, श्रीलंका एवं मॉरीशस का व्यापक भ्रमण किया। अपने अद्वितीय व्यक्तित्व के लिए जाने जाने वाले डॉ. भरत सिंह ने पुराने और नए मगही साहित्य के अध्ययन और संकलन में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। डॉ. भरत सिंह का मगही साहित्य में योगदान अविस्मरणीय है। । उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. किया और प्राकृत और मगही भाषा और साहित्य में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाया। उन्होंने बारह वर्षों तक मगध विश्वविद्यालय में वरिष्ठ प्रोफेसर और स्नातकोत्तर मगही विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनकी शैक्षणिक यात्रा में नेपाल, भूटान, मॉरीशस, उज्बेकिस्तान, न्यूयॉर्क, समरकंद, लंका और नॉर्वे की यात्राएं शामिल थीं। उन्होंने दो दर्जन से अधिक शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया और कई रचनाएं प्रकाशित कीं। उनके उल्लेखनीय मगही संग्रहों में ‘परसल पत्तल’ और ‘पंखुड़ी गुलाब’ शामिल हैं। हिंदी में उन्होंने ‘प्रगतिशील काव्यधारा’ और ‘मानक हिंदी एकता की’ आदि की रचना की। उनके शोध लेख दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। डॉ. भरत सिंह मगही साहित्य के अथक समर्थक थे, वे मगही कार्यक्रमों में भाग लेते थे और भाषा और साहित्य पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करते थे। प्रो डॉ नागेंद्र नारायण अंतरराष्ट्रीय महासचिव विश्व मगही परिषद नई दिल्ली ने कहा कि विश्व मगही परिषद के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने 107 अंतरराष्ट्रीय मगही चौपाल की अध्यक्षता किये थे ा प्रो डॉ नागेंद्र नारायण ने बताया की अंतरराष्ट्रीय मगही चौपाल के माध्यम से मगही को वैश्विक मंच पर बढ़ावा और दुनिया भर में मगही प्रेमियों और विद्वानों को जोड़ने के लिए ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन होता रहेगा । विश्व मगही परिषद परिवार और संपूर्ण मगही समुदाय डॉ भरत सिंह को एक बुद्धिमान आलोचक, कवि और कहानीकार के रूप में स्वीकार करता है जिनकी विरासत प्रेरित करती रहेगी। मगही भाषा और साहित्य के प्रति उनका अतुलनीय प्रेम सभी को याद रहेगा और संजो कर रखा जाएगा।
प्रो डॉ नागेंद्र नारायण ने बताया की शोकांजलि सभा में भारत के जाने- माने हिंदी और मगही के साहित्यकार राम रतन प्रसाद सिंह रत्नाकर , पटना से प्रभात वर्मा , पूजा ऋतुराज, गया से साहित्यकार सुमंत, हिमांशु शेखर , प्रेमी जी और पूनम कुमारी जी , न्यूजीलैंड से श्री प्रेम प्रणव ,दुबई से संतोष कुमार और दिल्ली से डॉक्टर सत्येंद्र सत्यार्थी , वीणा मिश्रा और साहित्यकार और गीतकार श्री नरेंद्र प्रसाद सिंह नवादा से , जाने-माने हिंदी और मगही साहित्यकार श्री जयनंदन सिंह , लालमणि , उपेंद्र प्रेमी , बटोही जी , अभय जी और आचार्य गोपाल जी शेखपुरा से , मगही के वरिष्ठ कवि और साहित्यकार नालंदा से रंजीत दूदू जी व् जयराम देवसपुरी ,साहित्यकार डॉ नागेंद्र उपाध्याय नवादा से ,मोकमा से वीर प्रकाश आनंद जी ,लखीसराय से से जाने- माने साहित्यकार श्री राजेंद्र राज। पटना जिला से भारत के नामी संगीतकार सत्येंद्र संगीत जी , शेखपुरा बरबीघा से श्री अरुण साथी जी ,हिसुआ नवादा से साहित्यकार श्री उदय भारती जी , पारस जी , जयनाथ कवि जी ,कुमार कांत जी गया से ,डाॅ० भागवत प्रसाद, नवादा से , डा0 दिलीप कुमार पालीगंज से , लोक गायिका श्रीमती श्वेत प्रीति नालंदा से, गीतकार गौतम कुमार सरगम नवादा जिला से, गीतकार -साहित्यकारअरुण कुमार गौतम पटना से, गीतकार व कवि विनय कुमार विकल , कमलेश कुमार , महेंद्र प्रसाद देहाती , डॉ रविशंकर शर्मा ,चितरंजन चैनपुरा डॉ उमा शंकर सिंह, जहानाबाद से, लोक गायिका श्रीमती निशा कुमारीनवादा से, समाजसेवी – साहित्यकार श्री बृजेश कुमार सुमन शेखपुरा जिला से, श्रीमती कीर्ति सागर गया जिला से, श्रीमती माला मिश्रा बोकारो झारखंड से, समाजसेवी श्री प्रमोद कुमार , संजीव मुकेश डॉ दिलीप कुमार डॉ बिपिन कुमार जी नई दिल्ली से,राजकुमार कवि जी भागलपुर से आदि देश- विदेश से सैकड़ों मगही के जाने-माने कवि व् कवियत्री ,लोकगायक व् लोकगायिका ,समाजसेवी , साहित्यकार व् पत्रकार,मगही प्रेमी विद्वान विश्व मगही परिषद् परिवार व् मगही समाज के लोग भाग लेंगे ।
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Author: AK
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