
जहानाबाद व्यवहार न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार वर्मा की अदालत ने सरयू ठाकुर हत्याकांड में दोष सिद्ध चार अभियुक्त आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त दिलीप ठाकुर रामप्रवेश ठाकुर एवं जितेंद्र ठाकुर ग्राम क़ुतवनचक मखदुमपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं, वही एक अभियुक्त राजेंद्र ठाकुर नालंदा जिला का रहने वाला बताया जाता है। मामले में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बुन्देल प्रसाद यादुवेंद्र ने बताया कि यह मामला मखदुमपुर थाना 187/12 से संबंधित है। जिसमें मखदुमपुर निवासी पवन कुमार ने चार अभियुक्त ब्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए बताया था कि हमारे पिता सरयू ठाकुर 22 अगस्त 2012 को रात्रि दस बजे भोजन के लिए विशुनगंज स्थित अपने दुकान पर जा रहे थे , उसी क्रम में खेत को लेकर मामूली विवाद में चारों अभियुक्तों ने लाठी एवं खंथी से मारपीट कर जख्मी करके मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलने पर पवन कुमार मौके पर पहुंचा तो देखा कि सरयू ठाकुर लहूलुहान होकर गिरा पड़ा है, और दर्द से कराह रहा है , पूछने पर बताया गया की अभियुक्तों ने मारपीट कर जख्मी हालत में उसको छोड़कर मौके से फरार हो गए ! आनन फानन में गांव वालों के सहयोग से उसे सदर अस्पताल जहानाबाद लाया गया जहां उसे बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। जख्मी सरयू ठाकुर को पटना पीएमसीएच ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गई। लिहाजा मामला न्यायालय पहुंचा जहां अपर लोक अभियोजक बुंदेल प्रसाद यादुवेंद्र के द्वारा कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई ! न्यायालय के द्वारा मामले में सुनवाई करते हुए गवाहों के मद्देनजर रखते हुए भारतीय दंड विधि की धारा 302 के तहत चारों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास एवं सभी अभियुक्तों को 10000 रूपए अर्थदंड कि सजा सुनाई गई है ! अर्थदंड की राशि ना भुगतान करने पर सभी अभियुक्तों को 6 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
Author: AK
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