जल जीवन हरियाली दिवस पर जहानाबाद में किसानों के साथ वैकल्पिक फसलों, जैविक खेती और जल संरक्षण पर चर्चा। सरकारी योजनाओं की जानकारी और विशेषज्ञों के सुझाव।
Sustainable Farming Discussed on Jal Jeevan Hariyali Diwas
बिहार: बिहार सरकार के कृषि विभाग के निर्देशानुसार आत्मा, जहानाबाद के तत्वावधान में 1 अप्रैल 2025 को संयुक्त कृषि भवन, काको रोड, जहानाबाद में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के किसानों के साथ वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन), जैविक खेती और नवीनतम कृषि तकनीकों पर गहन चर्चा की गई।
जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलें हैं समय की मांग
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक श्रीमती संभावना ने जल जीवन हरियाली अभियान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने किसानों को धान-गेहूं के अलावा मड़ुआ, मक्का, कौनी, चीना, कोदो, ज्वार जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी, जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकती हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की।
सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई
सहायक निदेशक (शस्य) भूमि संरक्षण श्री राम लखन ठाकुर ने जल संरक्षण के लिए जल छाजन विकास, तालाब निर्माण, कुआं निर्माण और पक्का चेक डैम निर्माण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं प्रखंड उद्यान पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई योजनाओं के साथ-साथ नलकूप निर्माण योजना के बारे में जागरूक किया। उन्होंने सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहायता की जानकारी भी साझा की।
जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर
कार्यक्रम में सहायक निदेशक (शस्य) एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी इंदु सिन्हा और उप परियोजना निदेशक आत्मा राकेश कुमार ने जैविक खेती से जुड़े सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रसायन मुक्त खेती के लाभों के बारे में बताया और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया।
किसानों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिलेभर से आए किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उपस्थित किसानों में महेश भगत, गौरव कुमार, गोवर्धन प्रसाद, सचिदानंद सिन्हा, आलोक कुमार, पार्वती कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, रेणु देवी, धर्मशीला कुमारी, पुनम कुमारी, शंकर कुमार सहित अन्य किसान शामिल थे। साथ ही, नव नियुक्त प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार भी इस परिचर्चा का हिस्सा बने।
निष्कर्ष:
जल जीवन हरियाली दिवस के इस आयोजन में किसानों को जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर सतत् कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक करने से राज्य में कृषि का भविष्य और अधिक समृद्ध होने की उम्मीद है।
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Author: AK
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