मंगल, अप्रैल 7, 2026

Jehanabad News: देवोत्थान एकादशी पर भगवान बुद्ध जन्मोत्सव — घृतांजना में हुआ भव्य आयोजन, सनातन परम्पराओं के साथ मगध में गूँजी आध्यात्मिक ध्वनि

जहानाबाद सनातन हिन्दू परम्परा में देवोत्थान एकादशी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी पावन तिथि पर भगवान श्री विष्णु के 9वें अवतार भगवान श्री बुद्ध के जन्मोत्सव का विशेष आयोजन  जहानाबाद जिले के ऐतिहासिक स्थान घृतांजना (घेजन) में किया गया, जिसे भगवान बुद्ध का प्राकट्य स्थान माना जाता है। ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से सम्पन्न हुए इस समारोह में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। पूजा-अर्चना, शास्त्र-वाचन, भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ पूरा परिसर दिव्यता और शांति के संदेश से भरा रहा।

देवोत्थान एकादशी को जहाँ सनातन धर्म में श्री हरि विष्णु के योगनिद्रा से जागरण का दिवस माना जाता है, वहीं बुद्धावतार की उपस्थिति इस दिन की पवित्रता को और अधिक विशेष बना देती है। जिले भर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्री बुद्ध की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और समरस समाज निर्माण की प्रतिज्ञा ली।

भगवान श्री बुद्ध के जन्मोत्सव का महत्व विशिष्ट इसलिए भी है क्योंकि उनकी शिक्षाएं केवल आध्यात्मिक धर्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानव जीवन के व्यवहार, आचरण, विचार और समाज व्यवस्था को दिशा देने का कार्य किया।

  • आध्यात्मिक जागृति: बुद्ध की शिक्षा लोगों को सही मार्ग पर चलकर सत्य व धर्म के पालन का संदेश देती है।
  • शांति, करुणा और अहिंसा: बुद्ध का मार्ग वैश्विक शांति, दया और अहिंसा का सबसे मजबूत आधार माना जाता है।
  • सामाजिक समानता व समरसता: बुद्ध ने समाज में वर्ग, भेद, पूर्वाग्रह और विभाजन के विरुद्ध सशक्त आवाज उठाकर न्याय आधारित समाज की स्थापना का मार्ग प्रस्तुत किया।

आयोजन स्थल घृतांजना का ऐतिहासिक महत्व भी चर्चा में रहा। यह क्षेत्र प्राचीन समय से ही मगध की आध्यात्मिक धरोहरों और बौद्ध परम्परा से जुड़ा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बुद्धावतार के इस भूगोल की पहचान और संरक्षण वैश्विक धार्मिक-पर्यटन स्तर पर भी बिहार के लिए गौरव का विषय है।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सनातन संस्कृति को नई पीढ़ी तक संचारित करते हैं, बल्कि बिहार की ऐतिहासिक-दार्शनिक पहचान को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक समय में बुद्ध का मार्ग मानव समाज में बढ़ रही द्वेष, हिंसा और तनाव को शांत करने का सबसे प्रभावी मार्ग है।

समारोह के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री बुद्ध के जन्मोत्सव पर प्रार्थना की, दीप प्रज्ज्वलन किया और मानव कल्याण, विश्व शांति तथा बिहार और मगध की प्रगति की मंगलकामनाएं कीं।

Jehanabad News: Lord Buddha’s birth anniversary on Devutthana Ekadashi – a grand celebration in Ghritanjana, with eternal traditions echoing through Magadha, spiritual sound


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Author: AK

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