जहानाबाद बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का लाभ जहानाबाद के बभना गांव के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने जहानाबाद–अरवल मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया। इस दौरान यातायात पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि नगर परिषद और संबंधित विभाग उनकी समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। जबकि नल-जल योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पाइपलाइन जगह-जगह से लीक हो चुकी है और मोटर खराब होने पर उसकी मरम्मत में हफ्तों लग जाते हैं।
ऋतू चौधरी, एक ग्रामीण ने बताया— “नल-जल योजना से पानी की सप्लाई कई दिनों से बंद है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देते हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाते। इस भीषण गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।”
वहीं सिप्पू चौधरी ने कहा— “हर वार्ड में बिछाई गई पाइपलाइन से जगह-जगह पानी रिसता रहता है। परिषद के कर्मचारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जाता। नियम के मुताबिक 24 घंटे के अंदर मरम्मत होनी चाहिए, लेकिन यहां हफ्तों गुजर जाते हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि मोटर का उपयोग कई बार सिंचाई के लिए किया जाता है, जिससे सामान्य सप्लाई बाधित हो जाती है। जल संकट के कारण लोगों को दूर-दराज़ से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ रही है।
जाम की सूचना पर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया। हालांकि लोगों ने साफ कर दिया कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
यह स्थिति नगर परिषद की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि परिषद के अधिकारी सिर्फ कागजों पर सक्रिय हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। नल-जल योजना की विफलता न केवल सरकारी योजनाओं की पोल खोल रही है, बल्कि प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बभना सहित अन्य प्रभावित इलाकों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पाइपलाइन की नियमित जांच, मोटर की समय पर मरम्मत और निगरानी व्यवस्था लागू हो, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि “पानी जीवन का मूल आधार है, और यदि प्रशासन ही इसे उपलब्ध नहीं करा पाएगा तो लोग कैसे जियेंगे?” यह सवाल अब पूरे नगर परिषद की कार्यशैली पर जनता का भरोसा डगमगाने लगा है।
Jehanabad News: Drinking water crisis: Villagers’ anger sparked by city council’s negligence
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












