जहानाबाद फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके तहत हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 17 तथा तीरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 5 हाथीपांव प्रभावित मरीजों को एमएमडीपी (मॉरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रीवेंशन) किट का वितरण किया गया। इस किट में टब, तौलिया, साबुन, क्रीम, लोशन समेत जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे मरीज अपने प्रभावित अंग की नियमित देखभाल कर सकें।
प्रभावित अंग की सफाई जरूरी
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने मरीजों को प्रभावित अंग की सही देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाथीपांव मरीज अपने प्रभावित अंग को चोट, जख्म और धूल-मिट्टी से बचाएं। किसी प्रकार का घाव होने पर तत्काल उपचार कराएं। प्रभावित अंग को सुबह-शाम साबुन से धोकर साफ रखें, तौलिए से सुखाएं और मलहम लगाएं। रात में पैरों को ऊंचा रखकर सोने की सलाह भी दी गयी। उन्होंने कहा कि एमएमडीपी किट का नियमित इस्तेमाल बीमारी की बढ़ोतरी को रोकने में मदद करता है।
मच्छर से बचाव सबसे प्रभावी तरीका
फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसलिए घर के आसपास गंदगी और जलजमाव को रोकना बहुत जरूरी है। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर को पूरी तरह कपड़े से ढकें। सरकार द्वारा साल में एक बार फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में एमडीए दवा अभियान चलाया जाता है, जिसे सभी लोगों को सेवन करना चाहिए।
जिला समन्वयक (FAR संस्था) पल्लवी ने बताया कि इस बीमारी के कारण दिव्यांग हुए मरीजों को चिह्नित कर उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए भी पहल की जा रही है।
कार्यक्रम में वीबीडीएस राज ऋषि, सीएचओ निशा भारती, एएनएम आकृति पटेल, पूनम कुमारी, आशा कार्यकर्ता संध्या, रीना, गीता, सुचिंता और जीविका से ममता सहित अन्य मौजूद रहीं।
Jehanabad News: Distribution of MMDP kits to elephantiasis patients at Hulasganj CHC – Cleaning and protecting the affected body part is essential
Author: AK
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