देखें टी20 वर्ल्ड कप में अब तक रहें मैन ऑफ द सीरीज लिस्ट, विराट कोहली हैं खास

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टी20 वर्ल्ड कप जब साल 2007 में शुरू हुआ तो भारत की यंग टीम महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में शानदार जीत के साथ भारतीय तिंरगा को लहराने में कामयाब हुई थी।उस समय टी20 फॉर्मेट नई नवेली दुल्हन की तरह थी। भारत की जीत में थोड़ा फीका रंग जरूर हुआ जब मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड भारत को न मिलकर पाकिस्तान के शहीद अफरीदी को दिया गया। हालांकि इस सीरीज में आरपी सिंह ने 12 विकेट चटकाए थे और गौतम गम्भीर का बल्ला पूरे टूर्नामेंट में बोला था जब उन्होंने 227 रन बनाकर बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नम्बर पर रहे थे।

2007 के बाद अब 2022 में वर्ल्ड कप का 8वां संस्करण खेला जाने वाला है। जिसमें अब महज कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। दो सालों में लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप देखने के लिए फैंस भी काफी उत्साहित हैं। आईसीसी के इस मेगा इवेंट का पिछला संस्करण दुबई में 2021 में खेला गया था जहां फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार खिताब पर कब्जा किया था। इस साल कंगारू टीम अपने ही घर खिताब को बचाने उतरेगी।
पिछले टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के लिए सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर हीरो रहे थे। उन्होंने लाजवाब प्रदर्शन करते हुए 289 रन बनाए थे। वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे पायदान पर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले इस खिलाड़ी को मैन ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से नवाजा गया था। 6 वर्ल्ड कप खेल चुके वॉर्नर का यह पहला खिताब था। अब सवाल यह है कि आखिर और कौन कौन खिलाड़ी हैं जिन्होंने मैन ऑफ द सीरीज बनकर अपने देश को खिताब जिताया या फिर जिताने के लिए प्रयास किया।
साल 2009 टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान, 2010 में इंग्लैंड के केविन पीटरसन और 2012 में शेन वॉटसन ने यह खिताब जीता। मतलब यह कि अगर शाहिद अफरीदी को भी इसमें शमिल करके बोला जाए तो लगातार 4 वर्ल्ड कप में 4 अलग अलग खिलाड़ी मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने थे, मगर इसके बाद विराट कोहली ने लगातार दो बार यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इसलिए विराट कोहली को टी20 वर्ल्ड कप सीरीज रास आती है और इसका प्रमाण है उनकी बैटिंग एवरेज।
विराट कोहली को 2014 और 2016 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मैन ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से नवाजा गया था। 2014 में किंग कोहली 319 रनों के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे, वहीं 2016 में वह 273 रनों के साथ दूसरे पायदान पर थे। हालांकि दोनों ही बार भारत वर्ल्ड कप जीत नहीं पाया था। 2014 में भारत को फाइनल में श्रीलंका ने हराया था, वहीं 2016 में भारत सेमीफाइनल में हारकर बाहर हुआ था। अब नया संस्करण शुरू हो रहा है और उसके पहले विराट कोहली अपने पुराने लय में लौटने का संदेश दे चुके हैं। अब ऐसा लग रहा है मानो एक बार फिर से धमाका होने की पूरी उम्मीद है।
अमन पांडेय
Author: AK
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