गुरु, अप्रैल 2, 2026

लोकसभा चुनाव से पहले किसान आंदोलन केंद्र सरकार के लिए बनता जा रहा सिरदर्द, आज दोनों पक्षों में तीसरी दौर की होगी बैठक

Growing Concern Farmer Protest Before Lok Sabha Elections Poses Challenge for Central Government

लोकसभा चुनाव से पहले किसानों का आंदोलन केंद्र सरकार के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। केंद्र सरकार किसान नेताओं से अभी तक दो बार बात कर चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला । वहीं आंदोलन को लेकर राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों पर अफरातफरी का माहौल है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों के लिए पंजाब-हरियाणा के किसानों ने राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन दूसरे दिन भी दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों की जवानों के साथ झड़प भी हुई। जिसमें कई घायल भी हुए। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों के आंदोलन के चलते आम लोगों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के दूसरे दिन बुधवार को केंद्र की ओर से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए किसानों के साथ चर्चा हुई।

Growing Concern Farmer Protest Before Lok Sabha Elections Poses Challenge for Central Government

अब आज शाम तीसरी बैठक चंडीगढ़ में आयेजित की जाएगी। इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय मौजूद होंगे। दोनों पक्षों के बीच यह तीसरे दौर की बैठक होगी। इससे पहले दो बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकला था। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय के साथ गुरुवार को चंडीगढ़ में किसान नेताओं की बैठक होगी। पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच का आज तीसरा दिन है। फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी समेत बाकी मांगें पूरी कराने के लिए पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली कूच के लिए अड़े हैं। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों की पैरामिलिट्री जवानों से झड़प हो गई। किसानों ने जवानों के हेलमेट और डंडे छीन लिए। उधर किसानों का आरोप है कि, पैरामिलिट्री फोर्स हम पर अटैक कर रही है। पंजाब में किसानों के सबसे बड़े संगठन भारतीय किसान यूनियन उग्राहां ने एलान किया है कि आज दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों पर आंसू गैस चलाए जाने से नाराज होने के बाद किसान संगठन ने ये फैसला लिया है। आंदोलन को देखते हुए हरियाणा के 7 और राजस्थान के 3 जिलों में इंटरनेट बंद है। 15 जिलों में धारा 144 लागू है। हरियाणा और दिल्ली का सिंघु-टीकरी बॉर्डर, यूपी से जुड़ा गाजीपुर बॉर्डर सील हैं। दिल्ली में एक महीने के लिए धारा 144 भी लागू कर दी गई है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बुधवार को कहा कि किसान अपनी मांगों पर केंद्र से बातचीत के किसी भी निमंत्रण पर विचार करेंगे, लेकिन उसे बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि आपका (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) दिल बड़ा है। हमें एमएसपी की गारंटी का कानून दीजिए। वहीं किसान आंदोलन में फिर एक बार राकेश टिकैत की एंट्री हो गई है। राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा, ‘किसान वापस नहीं जाएगा। किसान बगैर बातचीत और समाधान के वापस नहीं जाएगा। अगर उनसे बातचीत नहीं की जाती है तो वह दिल्ली की तरफ तो जाएगा ही। हमारे लिए दिल्ली दूर नहीं है। हमारी 16 तारीख की कॉल है और सरकार को 16 तारीख तक का समय है की समाधान निकाल ले। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में प्रदर्शनकारी किसानों पर हो रहे अत्याचार पर चर्चा के लिए शनिवार को यूपी के मुजफ्फरनगर में महापंचायत आयोजित की जाएगी।

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Author: AK

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