
बिहार मूल की प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। सोशल मीडिया पर उनके तमाम प्रशंसक लोक गायिका के अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। शारदा सिन्हा को 10 दिन पहले बोन मैरो कैंसर के चलते 27 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय विज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती कराया गया था। शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमन सिंह भी उनके साथ एम्स में मौजूद हैं।

सोमवार रात शारदा सिन्हा की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर शारदा सिन्हा के बेटे से बात की और उनके स्वास्थ्य की जानरकारी ली। पीएम ने कहा कि उन्होंने शारदा सिन्हा का हेल्थ अपडेट लिया। शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमन सिन्हा को पीएम मोदी ने फोन किया और कहा कि बिलकुल मजबूती से इलाज कराएं। आज सुबह पीएम मोदी ने फोन कर शारदा सिन्हा का हालचाल जाना। छठ गीतों से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के आम लोगों के दिलों पर राज करने वाली लोकगायिका के बेटे अंशुमन सिन्हा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया, इस बार यह सच्ची खबर है, मां वेंटिलेटर पर हैं।
अंशुमन ने कहा कि वह डॉक्टर से मिलकर आए हैं। उन्होंने बताया कि अचानक उनकी स्थिति बिगड़ी है। शारदा सिन्हा पिछले कुछ दिनों से एम्स में भर्ती हैं। उन्होंने वहीं से आस्था के महापर्व छठ का एक नया गीत ‘दुखवा मिटाईं छठी मईया’ का ऑडियो सॉन्ग रिलीज किया था। लोक गायिका शारदा सिन्हा को लेकर सोशल मीडिया पर बीते एक-दो दिन से अफवाहें चल रही हैं। इस पर उनके बेटे अंशुमन ने नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को गलत खबर फैलाने में बहुत आनंद आता है। ऐसा नहीं करना चाहिए। जब तक कि आप किसी खबर को लेकर पुष्ट ना हों, तब तक उस बात को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। एम्स दिल्ली में मीडिया प्रभारी और एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने बताया कि प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा की हालत स्थिर है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। डॉ. रीमा दादा ने बताया, शारदा सिन्हा जी हीमोडायनामिकली स्थिर हैं (हीमोडायनामिक स्थिरता का मतलब है कि किसी व्यक्ति का रक्तचाप और हृदय गति स्थिर है) लेकिन लगातार निगरानी में हैं। वह 2018 से मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शारदा सिन्हा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स पहुंचे और हाल ही में अश्विनी कुमार चौबे, रामनाथ ठाकुर और धर्मशीला गुप्ता ने भी सिन्हा से मुलाकात की।

पद्म भूषण से सम्मानित 72 वर्षीय शारदा सिन्हा मैथिली और भोजपुरी गानों के लिए जानी जाती हैं। उनके चर्चित गानों में ‘विवाह गीत’ और ‘छठ गीत’ शामिल हैं। संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया है। शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के समस्तीपुर में संगीत से जुड़े एक परिवार में हुआ था। शारदा सिन्हा ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से खेतों से लेकर बड़े मंचों तक का सफर तय किया। शारदा सिन्हा को बचपन से ही संगीत का माहौल मिला। शारदा सिन्हा का ससुराल बेगूसराय जिले के सिहमा गांव में है। शारदा सिन्हा हमेशा से छठ पूजा के गीतों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने केलवा के पात पर उगेलन सूरजमल झुके झुके और सुनअ छठी माई जैसे कई लोकप्रिय छठ गीत गाए हैं। उन्होंने 1980 में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन से अपना करियर शुरू किया और जल्द ही अपनी दमदार आवाज और भावनात्मक प्रस्तुति के लिए मशहूर हो गईं। पद्मश्री शारदा सिन्हा को बिहार कोकिला के अलावा भोजपुरी कोकिला, भिखारी ठाकुर सम्मान, बिहार गौरव, बिहार रत्न, मिथिला विभूति सहित कई अन्य सम्मानों के साथ पद्मश्री और पद्मविभूषण जैसे सम्मान प्राप्त किए। शारदा सिन्हा समस्तीपुर महिला कॉलेज में संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष के पद पर थीं। शारजा सिन्हा अब तक भोजपुरी, बज्जिका, मगही और मैथिली भाषा में विवाह और छठ के सैकड़ों पारंपरिक गीत गा चुकी हैं।
Author: AK
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