गुरु, अप्रैल 2, 2026

18वीं लोकसभा का पहला सबसे सत्र आज से, 10 सालों में पहली बार सदन में पीएम मोदी के सामने मजबूत विपक्ष दिखाई देगा

First Parliament Session of 18th Lok Sabha begins from today, PM Modi to face strong opposition after 10 years

First Parliament Session of 18th Lok Sabha begins from today, PM Modi to face strong opposition after 10 years

18वीं लोकसभा का पहले संसद सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। इस बार यह सत्र कई मायनों में खास है। 24 जून से 3 जुलाई 10 दिन तक चलने वाले संसद सत्र को लेकर विपक्ष पूरे जोश में है। 10 साल बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मजबूत विपक्ष होगा। लोकसभा में सदन का नजारा भी इस बार बदला हुआ होगा। अब तक सदन में कुछ बेंचों तक सिमटा रहने वाला विपक्ष इस बार लोकसभा में काफी मजबूत स्थिति में दिखेगा। जहां इस बार उसकी कुल संख्या 234 होगी। इनमें से 99 सदस्य अकेले कांग्रेस के है। वहीं सदन में सत्ता पक्ष की संख्या 293 की होगी, इनमें अकेले भाजपा के 240 सदस्य होंगे। इस सत्र में 8 बैठकें होंगी।

First Parliament Session of 18th Lok Sabha begins from today, PM Modi to face strong opposition after 10 years
First Parliament Session of 18th Lok Sabha begins from today, PM Modi to face strong opposition after 10 years

सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब राष्ट्रपति भवन जाकर शपथ लेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे लोकसभा पहुंचेंगे। शुरुआत के दो दिन प्रोटेम स्पीकर नए सांसदों को शपथ दिलाएंगे। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी को सदन के सदस्य की शपथ दिलाएगे। इसके बाद चेयर के सहयोगी सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद मंत्रियों व बाकी सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। सत्र के पहले दिन करीब 280 सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी, जबकि बाकी सदस्यों को दूसरे दिन शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद 26 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा। स्पीकर के चुनाव से पहले प्रोटेम स्पीकर पर विवाद हो सकता है। कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की पार्टियां इस बात से नाराज हैं कि परंपरा को तोड़कर 8 बार के कांग्रेस सांसद के सुरेश की जगह 7 बार के भाजपा सांसद भर्तृहरि मेहताब को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। रिजिजू ने कहा कि महताब को इसलिए चुना गया, क्योंकि निचले सदन के सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल सबसे लंबा है। रिजिजू ने कहा कि सुरेश आठ बार सांसद रहे हैं, लेकिन 1998 और 2004 में वह लोकसभा के सदस्य नहीं थे, इसलिए संसद के निचले सदन में उनका कार्यकाल निरंतर नहीं रहा। सुरेश ने यह भी कहा था कि प्रोटेम स्पीकर पद के लिए उनके दावे को इसलिए नजरअंदाज कर दिया गया क्योंकि वो दलित समुदाय से आते हैं। पिछले हफ्ते नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी, तीन क्रिमिनल लॉ, लोकसभा चुनाव के बाद शेयर बाजार में हुई गड़बड़ी के आरोपों पर विपक्ष इस बार हंगामा कर सकता है। विपक्ष ने यह भी तय किया है कि सभी इंडी गठबंधन के सांसद एक साथ लोकसभा में प्रवेश करेंगे। वे वहीं एकत्र होंगे, जहां पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा रखी गई थी। वे संविधान की एक प्रति लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इस दौरान वह नई सरकार की पांच साल की योजनाओं और प्राथमिकताओं को सामने रखेंगी। 28 जून और 1 जुलाई को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होगी। 2 जुलाई को लोकसभा और 3 जुलाई को राज्यसभा में प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद दोनों सदन संक्षिप्त अवधि के लिए स्थगित किए जाएंगे। 22 जुलाई से फिर सत्र आरंभ होगा, जिसमें केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

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Author: AK

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