रवि, अप्रैल 12, 2026

Fake IPS Arrested in Patna: फर्जी IPS बनकर धमकाने वाला असलम गिरफ्तार, पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Fake IPS Aslam Arrested in Patna for Fraud

पटना पुलिस ने फर्जी IPS बनकर सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों को धमकाने वाले असलम अहमद को गिरफ्तार किया। जमीन विवादों में फायदा उठाता था।

Fake IPS Aslam Arrested in Patna for Fraud


परिचय

पटना पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों पर धौंस जमाई। आरोपी की पहचान असलम अहमद के रूप में हुई है, जो पटना के फुलवारी शरीफ इलाके का रहने वाला है। असलम न केवल लोगों को धमकाता था बल्कि जमीन विवादों में पक्षकारों से फायदा उठाकर सरकारी अमीनों और अधिकारियों पर दबाव बनाता था। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह शख्स पिछले कई महीनों से फर्जी मेल आईडी और लोगो का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहा था।


फर्जी IPS का पर्दाफाश कैसे हुआ?

संदिग्ध गतिविधियों से खुली पोल

असलम कृषि विभाग में संविदा क्लर्क के रूप में काम करता था। उसने एक अंचल राजस्वकर्मी पर जमीन का म्यूटेशन कराने के लिए लगातार दबाव बनाना शुरू किया। राजस्वकर्मी को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और उसने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।

पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

शिकायत मिलते ही फुलवारी शरीफ थाने की पुलिस सक्रिय हुई और जांच के बाद असलम की पहचान की गई। छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें फर्जी ईमेल आईडी और लोगो का इस्तेमाल सामने आया।


असलम का तरीका-ए-वारदात

फर्जी मेल आईडी और लोगो का इस्तेमाल

पुलिस जांच में पता चला कि असलम ने “adg.patna.gov@gmail.com” नाम से ईमेल आईडी बनाई थी। इसके जरिए वह सरकारी कर्मचारियों और अमीनों को मेल भेजकर एडीजी का दबाव बताता था।

फोन कॉल और धमकी

असलम मोबाइल पर भी आईपीएस का लोगो लगाकर लोगों को कॉल करता था। वह जमीन विवादों से जुड़े मामलों में पक्षकारों की पैरवी करता और अमीनों को धमकाकर उनके पक्ष में काम कराने की कोशिश करता।

सरकारी अधिकारियों पर दबाव

पुलिस ने बताया कि असलम न केवल अमीनों बल्कि अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी फोन कर दबाव बनाता था। वह खुद को पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात बताता था ताकि लोग उसकी बातों पर विश्वास कर लें।


अब तक कितनों को बनाया शिकार?

सात-आठ ठगी के मामले

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि असलम पिछले दो महीनों में 7 से 8 बार इस तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। वह जिनसे फायदा उठाता था, उनसे पैसे भी वसूलता था।

ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि अब तक असलम ने कितने लोगों से कितनी रकम ठगी है। उसके लैपटॉप और मोबाइल से कई महत्वपूर्ण डेटा बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।


मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई

फुलवारी शरीफ थाने में असलम अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।


समाज के लिए सबक

फर्जी अधिकारियों से सावधान रहें

यह घटना बताती है कि कैसे कुछ लोग फर्जी पहचान बनाकर आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को गुमराह करते हैं। ऐसे मामलों में बिना जांच-परख किसी भी मेल या कॉल पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

शिकायत दर्ज कराना ज़रूरी

अगर किसी को भी संदेहास्पद कॉल या मेल मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए। कई बार लोग डर के कारण चुप रह जाते हैं, जिससे जालसाजों का हौसला बढ़ता है।


निष्कर्ष

पटना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। असलम अहमद जैसे लोग न केवल प्रशासन की छवि खराब करते हैं बल्कि आम जनता के विश्वास से भी खिलवाड़ करते हैं। इस गिरफ्तारी से यह संदेश साफ है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और फर्जी पहचान बनाकर अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। समाज को भी सतर्क रहना होगा और ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत करनी होगी।


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Author: AK

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