
हर साल राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न राज्यों की झांकी निकाली जाती है। लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर केंद्र सरकार ने दिल्ली और पंजाब की झांकी को मंजूरी नहीं दी। केंद्र के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है। आप ने मोदी सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार भाजपा शासित राज्यों को लगातार मौका दे रही है, जबकि दिल्ली सरकार को अपना मॉडल देश के सामने रखने का अवसर नहीं दिया। दिल्ली और पंजाब की झांकियों को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं करने पर कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार आप से बदला लेना चाहती है। केंद्र का ये फैसला दुर्भावना से प्रेरित है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस साल विकसित भारत की थीम के तहत झांकियां डिजाइन करने के निर्देश दिए थे। रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी के अधिकारियों को दिल्ली और पंजाब की झांकी थीम के अनुरूप नहीं लगी, इसलिए रिजेक्ट कर दी। आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली सरकार अपना शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल झांकी के माध्यम से दिखाना चाहती थी, पूरे देश को यह भी बताना था कि दिल्ली में महंगाई सबसे कम और प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है, बिजली-पानी सस्ता है, फ्लाईओवर अनुमानित लागत से कम में बन रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके राज्य की झांकी को परेड में शामिल नहीं करने को लेकर केंद्र पर प्रहार किया था और उस पर भेदभाव का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि झांकियों के लिए चुने गए राज्यों में 80 फीसद भाजपा द्वारा शासित राज्य हैं। इस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई ने मान पर गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को शामिल नहीं किये जाने पर राजनीति करने तथा राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर झांकी में उनकी और अरविंद केजरीवाल की तस्वीरें शामिल करने पर जोर दिये जाने आरोप लगाया।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












