
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ होगी। 30 अक्टूबर को ईडी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को समन जारी करके 2 नवंबर को पेश होने के लिए कहा था। यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी भी हो सकती है। सीएम केजरीवाल से पूछताछ करने से पहले आज सुबह दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद के घर गुरुवार सुबह ईडी ने छापा मारा। जांच एजेंसी आनंद के घर सहित 9 अन्य जगह पर छानबीन कर रही है। बताया जा रहा है ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। वहीं दूसरी ओर ईडी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे बुलाया है। इसके चलते सीएम दफ्तर से लेकर ईडी के कार्यालय तक सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। दरअसल, जब से केजरीवाल को ईडी ने पेश होने के लिए समन भेजा गया है, तब से ही दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। आम आदमी पार्टी कह रही है कि बीजेपी INDIA गठबंधन से डर गई है, इसीलिए एक-एक करके INDIA के नेताओं को चुनावी हथियार ईडी के जरिए डराने की कोशिश हो रही है, जबकि बीजेपी लगातार कह रही है कि पूछताछ कानून के तहत ही हो रही है और घोटाले के मास्टरमाइंड केजरीवाल ही हैं।

इससे पहले सीबीआई इसी साल 16 अप्रैल को केजरीवाल से इस मामले में पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान सीबीआई ने केजरीवाल से 56 सवाल पूछे थे। दरअसल, केजरीवाल नाम कुछ आरोपियों और गवाहों के बयानों में सामने आया है, जिसका जिक्र एजेंसियों ने अपने रिमांड नोट और चार्जशीट में किया है। ईडी की चार्जशीट में कई बार सीएम केजरीवाल का नाम है।सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति की जांच कर रहे हैं। आप प्रमुख और उनके नेताओं पर इस मामले में कथित तौर पर कुछ शराब डीलरों का पक्ष लेने का आरोप है। दिल्ली सरकार ने मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पिछले साल जुलाई में नीति बनाने और इसके कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आम आदमी पार्टी अपने गठन के 12 साल बाद पहली बार इतनी बड़ी मुश्किलों और संकट का सामना कर रही है। चर्चा यह भी है कि जांच एजेंसी ने केजरीवाल को तलब करने से पहले सबूतों को इकट्ठा किया है। संभव है कि सवालों के जवाब नहीं मिलने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर जांच कर रही है।
आम आदमी पार्टी के तीन बड़े नेता हिरासत और जेल में हैं-

बता दें कि इस वक्त आम आदमी पार्टी के तीन बड़े नेता दो अलग मामलों में कस्टडी और जेल में हैं। ये नेता हैं- सत्येंद्र जैन, जो आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं, मनीष सिसोदिया, जो शराब नीति घोटाले में सीबीआई की कस्टडी में हैं और संजय सिंह, जो शराब नीति घोटाले में ईडी की कस्टडी में हैं। एक दिन पहले दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि उनका मकसद आप को खत्म करना है। आम आदमी पार्टी ने अपने अगले कदम के बारे में भी बता दिया है। उन्होंने कहा था कि यदि पूरी पार्टी जेल में चली गई तो सरकार और पार्टी वहीं से चलेगी। बीजेपी चाहती है कि सभी लोगों को जेल भेज दिया जाए। सीएम केजरीवाल से ईडी की पूछताछ को लेकर राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। वहीं दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने मंगलवार को दावा किया कि ईडी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती है। केजरीवाल के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के दूसरे नेता भी गिरफ्तार होंगे। अगला नंबर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, केरल के सीएम पी विजयन, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का है।


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Author: AK
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