
देश की राजधानी दिल्ली में मेयर का चुनाव बीते 26 अप्रैल को आयोजित होने वाला था, लेकिन नहीं हुआ। अब कहा जा रहा है की केजरीवाल के जेल में रहने तक दिल्ली के मेयर का चुनाव टल सकता है। क्यों कि पीठासीन अधिकारी नामित करने का अधिकार भले ही एलजी के पास है, लेकिन पीठासीन अधिकारी किसे नामित करना है, इसके लिए सीएम का सुझाव जरूरी है। लेकिन मौजूदा समय में दिल्ली के सीएम केजरीवाल जेल में हैं। सीएम के जेल में होने से दिल्ली के मुख्य सचिव को संबंधित फाइल एलजी कार्यालय को भेजनी पड़ी थी।
देखिए भाजपा के पार्षद नाच रहे है । एक दलित के बेटे का हक़ मारने के बाद भाजपा के पार्षद ख़ुशियाँ मना रहे है।
— Dr. Shelly Oberoi (@OberoiShelly) April 26, 2024
आज बाबा साहेब अंबेडकर होते तो ये अन्याय होने ना देते । pic.twitter.com/iXpquFurdP
बता दें कि पीठासीन अधिकारी नामित नहीं होने की वजह से दिल्ली में 26 अप्रैल को मेयर का चुनाव नहीं हो पाया था। अब मौजूदा मेयर ही जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रहेंगी। वे एमसीडी की सामान्य बैठक करती रहेंगी, लेकिन इसमें ध्यान देने वाली बात ये है कि महत्वपूर्ण आर्थिक व नीतिगत कामकाज बाधित रहेंगे।
इधर, निगम सचिव कार्यालय ने जानकारी दी है कि मेयर डॉ शैली ओबरॉय जब भी चाहें मेयर चुनाव की अगली तारीख दे सकती हैं। निगम सचिव कार्यालय फिर से पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के लिए फाइल को आगे बढ़ा देगा। ये फाइल दिल्ली के शहरी विकास विभाग के माोध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय और फिर से एलजी कार्यालय पहुंचेगी। यदि जल्द ही ये प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो मेयर प्रत्याशियों को फिर से अपना नामांकन भी नहीं भरना पड़ेगा।
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Author: AK
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