
दिल्ली शराब घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ केजरीवाल के घर पहुंची थी। ईडी ने पहले 10वां समन जारी किया और उसके बाद उनके आवास पर पहुंची। जहां सीएम से दो घंटे तक पूछताछ की। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यहां तलाशी और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। अरविंद केजरीवाल का मोबाइल ले लिया गया है और घर के बाहर भारी पुलिसबल की तैनाती है। रैपिड एक्शन फोर्स को केजरीवाल के घर के बाहर तैनात कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी के किसी भी मंत्री का अंदर जाना मना है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आदमी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे। इस बीच दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के सीएम बने रहेंगे। जेल से सरकार चलाएंगे। आतिशी ने कहा कि हम आज रात सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे।
केजरीवाल की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की है। संविधान के मुताबिक, ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है कि यदि कोई मुख्यमंत्री जेल जाता है तो उसे पहले सीएम पद से हटना पड़ेगा।



हालांकि जब बिहार के तत्कालीन सीएम लालू यादव और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता ने जेल जाने से पहले अपने सीएम पद से इस्तीफा दिया था। लिहाजा संविधान में कोई विशेष प्रावधान ना होने की वजह से ऐसा जरूरी नहीं है कि अरविंद केजरीवाल अगर गिरफ्तार हुए तो जेल जाने से पहले सीएम पद से इस्तीफा देंगे। केजरीवाल जेल से भी सरकार चला सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को दोपहर हाईकोर्ट ने दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी। केजरीवाल ने कोर्ट से ये भरोसा मांगा था कि अगर वे पूछताछ के लिए ईडी जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाए। कोर्ट ने साफ किया कि केजरीवाल को ईडी के सामने पेश होना होगा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं है।
यह भी पढ़े:
यह भी पढ़े:
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












