मंगल, अप्रैल 7, 2026

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को कोर्ट से नहीं मिली कोई राहत, 13 जून तक ईडी के कस्टडी में भेजा गया

Delhi court extends Satyendar Jain’s ED custody till June 13
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत नहीं मिली है।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को 13 जून तक ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी में भेज दिया है।

बता दें कि दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में 30 मई को गिरफ्तार किया था और इसके बाद 31 मई को ट्रायल कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को 9 जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था।
सत्येंद्र जैन की आज हिरासत अवधि समाप्त हो गई थी जिसके बाद उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने सत्येंद्र जैन की पांच दिनों की कस्टडी मांगी।

ईडी ने कोर्ट के समक्ष सत्येंद्र जैन से पूछताछ की जरूरत बताई, जिसके बाद कोर्ट ने जांच एजेंसी की दलीलों को मानते हुए सत्येंद्र जैन को 13 जून तक यानी पांच दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया। कोर्ट में पांच दिनों की कस्टडी की मांग करते हुए ईडी ने कहा कि इस मामले में जांच के दौरान हाल ही में 2.85 करोड़ कैश मिले हैं। हमें इसके बारे में पता करना है। इतना ही नहीं, इस संबध में सत्येंद्र जैन से कांफ्रेंट करवाना है। ईडी ने कहा कि अभी हम उनका नाम नही बताएंगे, जहां से बरामदगी हुई है, क्योंकि जांच अभी शुरुआती दौर में है।

वहीं सत्येंद्र जैन की तरफ से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि सत्येंद्र जैन के मामले की जांच सीबीआई 2016 से ही कर रही है, लेकिन अभी तक मामले में चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई है। ईडी का कोई कार्यक्षेत्र नहीं बनता है कि वो इस मामले की जांच करे। सिब्बल ने ईडी द्वारा सत्येंद्र जैन की 5 दिन की कस्टडी मांगे जाने का विरोध किया। इस पर जज ने कहा कि ईडी इस मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रही है, जो पैसे के लेनदेन से जुड़ा हुआ है। सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि इस मामले में जांच का कोई तुक नहीं बनता, जिसमें नगदी को शेयर में बदला गया। सिब्बल ने कहा कि इतने दिन की कस्टडी में एक बार भी सत्येन्द्र जैन से बरामद सोने के बारे में नहीं पूछा गया। सिब्बल ने कहा कि सत्येन्द्र जैन को सिर्फ परेशान करना चाहते हैं, इसलिए कस्टडी की मांग कर रहे हैं।

AK
Author: AK

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