
दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले सबसे हाईटेक शहर गुरुग्राम लोकसभा चुनाव में सुर्खियों में आ गया है। पूरे देश भर में गुरुग्राम एक ऐसा शहर रहा है, जिसका पिछले तीन दशकों में सबसे तेज गति से विकास हुआ। बेंगलुरु के बाद यही एक ऐसा शहर है जहां पर देश-विदेश की बड़ी-बड़ी मल्टी स्टार कंपनियों के ऑफिस हैं। पूरे उत्तर भारत में गुरुग्राम आईटी के क्षेत्र में भी पहचाना जाता है। गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप से लेकर तमाम टेक कंपनियों के हाईटेक ऑफिस हैं। गुरुग्राम में सैकड़ों मल्टी स्टोरी बिल्डिंगें के हैं। देश में सबसे बड़ी कार कंपनी ‘मारुति’ की भी स्थापना 80 के दशक में यहीं से हुई थी। गुरुग्राम में पूरे देश भर से काम की तलाश में भी हर दिन लोग आते हैं। देश की राजधानी दिल्ली से सटा यह शहर हरियाणा में आता है। यहां पर हजारों लोगों को रोजगार भी मिला हुआ है। अब आइए बात को आगे बढ़ाते हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में गुरुग्राम सीट चर्चा में है। कांग्रेस पार्टी ने बॉलीवुड अभिनेता और पूर्व सांसद राज बब्बर को गुरुग्राम से प्रत्याशी बनाया है। राज बब्बर एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं । यह पहला मौका है जब कोई फिल्म स्टार गुरुग्राम की सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहा है। राज बब्बर उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद रहे हैं । कांग्रेस ने गुरुग्राम से राज बब्बर को चुनाव मैदान में उतार कर बड़ा दांव खेला है। वह पंजाबी समुदाय से आते हैं। गुरुग्राम में करीब 2 लाख पंजाबी समुदाय के वोटर हैं।
कांग्रेस पार्टी पंजाबी मतदाताओं को राज बब्बर के सहारे अपने पक्ष में करना चाहेगी। वैसे गुरुग्राम यादव बाहुल्य (अहीर) मानी जाती है। कांग्रेस ने पिछले दिनों चार लोकसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। पार्टी ने हरियाणा की गुरुग्राम सीट से राज बब्बर की टिकट दिया है। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा सीट से आनंद शर्मा, हमीरपुर से सतपाल रायजादा और महाराष्ट्र की मुंबई नॉर्थ लोकसभा सीट से भूषण पाटिल को मैदान में उतारा है। हरियाणा की गुरुग्राम सीट पर बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को उतारा है। उन्होंने सोमवार को गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। बसपा ने भी यहां से लोकसभा सीट से जिलाध्यक्ष विजय खटाना को लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। गुरुग्राम सीट पर पिछले तीन चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह को जीत मिली है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के साथ चले गए थे। 2019 में राव इंद्रजीत सिंह की जीत का अंतर लगभग चार लाख वोटों का रहा था। वह मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। बीजेपी ने एक बार फिर राव इंद्रजीत सिंह को ही टिकट दिया है जबकि 4.5 साल तक हरियाणा में बीजेपी के साथ सरकार चलाने वाली जेजेपी ने इस लोकसभा क्षेत्र में अहीर मतदाताओं की संख्या को देखते हुए फेमस हरियाणवी गायक राहुल यादव फाजिलपुरिया को उम्मीदवार बनाया है। इनेलो ने अब तक यहां से अपने उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं किया है। बता दें कि हरियाणा की कुल 10 सीटों में से कांग्रेस नौ सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान किया है। कांग्रेस ने कुरुक्षेत्र सीट इंडिया गठबंधन के घटक दगल आम आदमी पार्टी के लिए छोड़ा है। बता दें कि गुरुग्राम सीट पर अहीर और मेव मतदाता काफी अहम हैं। अहीर मतदाताओं की संख्या यहां 6 लाख से ज्यादा है जबकि मेव मतदाता साढ़े तीन लाख के आसपास हैं। बीजेपी के उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह अहीर समुदाय से आते हैं। गुरुग्राम सीट पर 24.9 लाख मतदाता हैं और इसमें गुरुग्राम के अलावा रेवाड़ी और नूंह जिले आते हैं। इस लोकसभा सीट में गुड़गांव, बादशाहपुर, सोहना, पटौदी, बावल, रेवाड़ी, नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना विधानसभा सीट शामिल हैं। बता दें कि हरियाणा की गुरुग्राम सीट पर छठे चरण में यानी 25 मई को चुनाव होंगे।
90 के दशक में बॉलीवुड एक्टर राज बब्बर ने शुरू की सियासी पारी:
राज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को आगरा के पास टूंडला में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई आगरा से की। वह अभिनय में रुचि रखने वाले छात्र रहे हैं। इसी के चलते राज बब्बर ने मायानगरी मुंबई की ओर अपना रुख किया। भारतीय सिनेमा में राज बब्बर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की और सिनेमा के दौर में राज बब्बर ने करीब 150 फिल्म और 30 से अधिक नाटक में अभिनय किया। साल 1989 में राज बब्बर ने अपनी सियासी पारी शुरू की। राज बब्बर वीपी सिंह के नेतृत्व वाले जनता दल से जुड़े। बाद में वह जनता दल छोड़कर समाजवादी पार्टी से जुड़ गए। वह तीन बार लोकसभा सांसद और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे। राज बब्बर 1994 में पहली बार राज्यसभा सांसद बने और सदन पहुंचे। यहीं से राज बब्बर सक्रिय राजनीति में लगातार नजर आने लगे। साल 1996 के लोकसभा चुनाव में लखनऊ से राज बब्बर अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ने थे। लेकिन हार गए। 1999 में राज बब्बर ने अपनी जन्म भूमि आगरा से लोकसभा का चुनाव लड़ा। राज बब्बर समाजवादी पार्टी के टिकट पर आगरा लोकसभा से प्रत्याशी घोषित हुए । राजबब्बर ने भाजपा के तीन बार के सांसद रहे भगवान शंकर रावत को हराया। 2004 के लोकसभा चुनाव में राज बब्बर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में आगरा लोकसभा सीट से विजय हुए, उन्होंने भाजपा के मुरारीलाल मित्तल फतेहपुरिया को हराया। लेकिन 2006 आते-आते तक मनमुटाव बढ़ने लगा। राज बब्बर का समाजवादी पार्टी से मनमुटाव इतना ज्यादा हो गया कि राज बब्बर को समाजवादी पार्टी से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने 2008 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की। राज बब्बर की समाजवादी पार्टी से इतनी दूरियां बढ़ गई कि 2009 के फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी घराने की बहू के खिलाफ ही चुनावी मैदान में उतारने का फैसला ले लिया। 2014 के लोकसभा चुनाव में राज बब्बर ने गाजियाबाद से चुनाव लड़ा लेकिन इस बार भी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के प्रत्याशी जनरल बी के सिंह ने राज बब्बर को चुनाव हार दिया। 2015 में राजबब्बर उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद चुने गए और सदन पहुंचे । 2019 के लोकसभा चुनाव में राज बब्बर ने एक बार फिर से फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ने का फैसला किया और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा पर भाजपा के राजकुमार चाहर ने राजबब्बर को करीब 5 लाख वोटों से हरा दिया। इस बार राजबब्बर गुरुग्राम से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में है। अब देखना होगा इस सीट से राज बब्बर अपना जादू कितना चला पाते हैं?
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Author: AK
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