तेजस्वी यादव ने राजद विधायकों को अलर्ट किया। टिकट सर्वे से मिलेगा, क्षेत्र में बने रहने और सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया। कमजोर प्रदर्शन करने वालों को चेतावनी भी दी।
Bihar Politics: Tejashwi alerts MLAs, tickets only through survey, stay active in constituencies
प्रस्तावना
बिहार की राजनीति इन दिनों तेज होती जा रही है। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ बनाने में जुटे हैं। इस बीच, राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि टिकट सर्वे के आधार पर मिलेगा और किसी को भी दिल्ली-पटना के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
तेजस्वी का यह रुख न केवल पार्टी अनुशासन को मजबूत करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले चुनाव में वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने वाले हैं।

राजद की बैठक और बड़ा संदेश
विधायकों को क्षेत्र में रहने का निर्देश
तेजस्वी यादव ने हाल ही में अपने सरकारी आवास पर राजद विधायकों, सांसदों, पिछली बार हार चुके प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बने रहें और जनता से लगातार जुड़े रहें।
टिकट सर्वे के आधार पर
उन्होंने साफ कहा कि टिकट केवल सर्वे के आधार पर मिलेगा। यानी जो नेता जनता के बीच ज्यादा लोकप्रिय और सक्रिय दिखेंगे, वही टिकट पाने के हकदार होंगे। पार्टी ने पहले ही सर्वे का काम पूरा कर लिया है। इस वजह से कार्यकर्ताओं और नेताओं को पार्टी कार्यालय या पटना-दिल्ली के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
माननीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद, राजद के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रधान महासचिव, पूर्व लोकसभा एवं विधानसभा प्रत्याशियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। #TejashwiYadav pic.twitter.com/bu13RlC820
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 4, 2025
कमजोर प्रदर्शन करने वालों को चेतावनी
तेजस्वी यादव ने उन विधायकों को भी चेतावनी दी जिनका प्रदर्शन कमजोर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाएँ, अन्यथा टिकट से हाथ धोना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से भी साफ कहा कि अगर उन्होंने जिम्मेदारी नहीं निभाई तो उन्हें भी हटाया जा सकता है।
गठबंधन और सर्वे की राजनीति
राजद महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल है। तेजस्वी ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में सभी को साथ लेकर चलना होगा। टिकट बंटवारे में भी सर्वे रिपोर्ट को ही आधार बनाया जाएगा ताकि किसी को पक्षपात का आरोप लगाने का मौका न मिले।
पार्टी नेताओं को विशेष टास्क
मतदाता सूची पर जोर
तेजस्वी ने सभी नेताओं को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची पर खास ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सही मतदाता छूटे नहीं और फर्जी नाम जुड़ने न पाएँ। साथ ही, हर नेता को यह जिम्मेदारी दी गई कि वे अपने परिवार, पड़ोसियों और पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाएँ।
कमजोर वर्गों पर ध्यान
उन्होंने अनुसूचित जाति और गरीब वर्ग पर विशेष ध्यान देने की बात कही। तेजस्वी का मानना है कि यह वर्ग बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है और पार्टी को इसके समर्थन की आवश्यकता है।
भाजपा पर सीधा हमला
समाजवादी विचारधारा को कमजोर करने का आरोप
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह बिहार में समाजवादी विचारधारा को कमजोर करने और सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि भाजपा जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति का अनुचित फायदा उठा रही है।
सरकार को विजन-हीन बताया
तेजस्वी ने वर्तमान सरकार को “विजन-हीन” बताया। उनका कहना था कि सरकार सिर्फ राजद की घोषणाओं की नकल कर रही है, लेकिन असल में जनता के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
पलायन रोकने और रोजगार पर फोकस
तेजस्वी ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। लाखों युवा हर साल रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई और दूसरे राज्यों में जाते हैं। इसे रोकने के लिए बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। उन्होंने वादा किया कि अगर राजद की सरकार बनती है तो रोजगार पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
पार्टी नेताओं से 60 दिन का समय
तेजस्वी ने पार्टी नेताओं से 60 दिन का समय मांगा और बदले में भरोसा दिलाया कि वे सरकार बनाकर देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दो महीने बेहद महत्वपूर्ण हैं और हर नेता को पूरी ताकत से जनता के बीच काम करना होगा।
नतीजा क्या बताता है?
बिहार की राजनीति में इस समय दो बड़े ध्रुव दिखाई दे रहे हैं – एनडीए और महागठबंधन। राजद महागठबंधन का नेतृत्व कर रहा है और तेजस्वी यादव इस पूरे गठबंधन के चेहरे के रूप में उभर चुके हैं।
उनकी रणनीति यह दिखाती है कि वे इस बार संगठन, सर्वे और जनता के भरोसे पर ही चुनाव जीतने का प्रयास करेंगे। भाजपा और जदयू पर हमलावर रुख अपनाकर वे विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
बिहार चुनाव 2025 में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों और नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि टिकट अब केवल सर्वे के आधार पर मिलेगा और कोई भी शॉर्टकट काम नहीं करेगा।
यह कदम न केवल पार्टी में अनुशासन लाने वाला है, बल्कि इससे कार्यकर्ताओं में यह विश्वास भी जगेगा कि मेहनत और जनसमर्थन से ही आगे बढ़ा जा सकता है।
बिहार की राजनीति में आने वाले महीनों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि तेजस्वी यादव ने इस बार अपनी रणनीति को और मजबूत बना लिया है।
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Author: AK
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