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भर्ती का बदला सिस्टम




रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्ली में तीनों सेना प्रमुखों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सेना में भर्ती को लेकर बड़ा एलान किया। इस मौके पर भारतीय सेना की तीनों शाखाओं, थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नई स्कीम अग्निपथ लॉन्च की गई है। इस स्कीम के तहत नौजवानों को सिर्फ चार साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी। सरकार ने यह कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाध्यक्षों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस योजना का एलान किया है। पहली भर्ती रैली 90 दिनों में होगी। चार साल पूरे होने के बाद सिर्फ 25% ‘अग्निवीरों’ को स्थायी कैडर में भर्ती किया जाएगा। जो सैनिक चार साल के बाद भी सेना में काम करना चाहेंगे, उन्हें मेरिट और मेडिकल फिटनेस के आधार पर मौका मिलेगा। जो सैनिक स्थायी कैडर के लिए चुने जाएंगे उन्हें 15 साल का कार्यकाल पूरा करना पड़ेगा। शुरुआती चार साल कॉन्ट्रैक्ट के तहत रहेंगे इसलिए इसकी पेंशन नहीं मिलेगी। जो 75% अग्निवीर इस स्कीम से बाहर हो जाएंगे, उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा।
भर्ती के लिए युवाओं की आयु 17 साल 6 महीने से 21 महीने के बीच होनी चाहिए–






अग्निपथ स्कीम में भर्ती के लिए युवाओं की आयु 17 साल 6 महीने से 21 महीने के बीच होनी जरूरी होगी। युवाओं को ट्रेनिंग पीरियड समेत कुल 4 वर्षों के लिए आर्म्ड सर्विसेज में सेवा का मौका मिलेगा। भर्ती सेना के तय नियमानुसार ही होगी । एनुएल पैकेज के साथ कुछ भत्ते भी मिलेंगे जिसमें रिस्क एंड हार्डशिप, राशन, ड्रेस और ट्रैवल एलाउंस शामिल होंगे। सेवा के दौरान डिसेबल होने पर नॉन-सर्विस पीरियड का फुल पे और इंट्रेस्ट भी मिलेगा। ‘सेवा निधि’ को आयकर से छूट दी जाएगी। अग्निवीर ग्रेच्युटी और पेंशन संबंधी लाभों के हकदार नहीं होंगे। अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में उनकी अवधि के लिए 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए सरकार ने एक सेवानिधी की घोषणा की है। इसमें पहले साल युवाओं को 30 हजार रुपये मासिक पे पर रखा जाएगा। EPF/PPF की सुविधा के साथ अग्निवीर पहले साल 4.76 लाख रुपये पाएंगे। चौथे साल तक वेतन 40 हजार रुपये यानी सालाना 6.92 लाख रुपये पाएंगे।
राष्ट्र की सेवा की अवधि के दौरान अग्निवीरों को दी जाएगी ट्रेनिंग–



राष्ट्र की सेवा की इस अवधि के दौरान, अग्निवीरों को विभिन्न सैन्य कौशल और अनुभव, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, नेतृत्व गुण, साहस और देशप्रेम की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। चार साल के इस कार्यकाल के बाद, अग्निवीरों को नागरिक समाज में शामिल किया जाएगा जहां वे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान दे सकते हैं। प्रत्येक अग्निवीर द्वारा प्राप्त कौशल को उसके यूनीक बायोडाटा का हिस्सा बनने के लिए एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अग्निवीर, अपनी युवावस्था में चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर, प्रोफेश्नल और पर्सनल रूप से परिपक्व और आत्म-अनुशासित होंगे। अग्निवीर के कार्यकाल के बाद नागरिक दुनिया में उनकी प्रगति के लिए जो रास्ते और अवसर खुलेंगे, वह निश्चित रूप से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक बड़ा प्लस होगा। इसके अलावा, लगभग 11.71 लाख रुपये की सेवा निधि अग्निवीर को वित्तीय दबाव के बिना अपने भविष्य के सपनों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जो आमतौर पर समाज के आर्थिक रूप से वंचित तबके के युवाओं के लिए होता है। सेना 25 फीसदी अग्निवीरों ने रिटेन भी करेगी जो निपुण और सक्षम होंगे। हालांकि, ये भी तभी संभव होगा अगर उस समय सेना में भर्तियां निकलीं हों। इसके लिए 4 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अग्निवीर वॉलेंटियर कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट की वजह सेना को करोड़ों रुपये की बचत भी हो सकती है।
Addressing the Media Conference on ‘Agnipath Scheme’. Watch https://t.co/ZZ0P33RbHe
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 14, 2022
Author: AK
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