केजरीवाल सरकार में पहले मंत्री भ्रष्टाचार करते थे लेकिन अब कर्मचारी भी करने लगे हैं- आदेश गुप्ता

JOIN OUR WHATSAPP GROUP
दिल्ली की केजरीवाल सरकार की बदनामी खूब हो रही है। ऐसा नहीं है कि यह बदनामी सिर्फ राजनीति द्वेष में राजनेताओं द्वारा सिर्फ बयान के माध्यम से हो रही है बल्कि इसके कभी सबूत जांच एजेंसियों के हाथ लगती है तो कभी खुद केजरीवाल सरकार के सरकारी कर्मचारी अपनी मनमानी कर चिजों को उजागर करते हैं। अभी हाल ही में दिल्ली सरकार के कर्मचारी घूस लेते हुए पकड़े गए थे, वह मामला अभी ठंढा भी नहीं हुआ कि एक और भ्रष्टाचार का केस सामने आया है जिस पर भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ा।
आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार का ऐसा कोई भी विभाग नहीं है जो भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है। पहले तो सिर्फ मंत्रियों और पदाधिकारियों के ही भ्रष्टाचार के मामले सुनाई देते थे लेकिन अब तो वहां काम करने वाले कर्मचारी भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हालांकि आदेश गुप्ता जिस भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं उसकी सजा उन कर्मचारियों को केजरीवाल सरकार दे चुकी है।
दरअसल दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के एक अधिकारी को धोखाधड़ी के मामले में निलंबित कर दिया गया। बुधवार को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने हौज खास के सब-रजिस्ट्रार डीसी साहू को साउथ दिल्ली में स्थित सरकारी जमीन को हस्तांतरित करने पर सस्पेंड किया है। सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जमीन हस्तांतरण में शामिल कुछ और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। जिस जमीन को हस्तांतरित किया जा रहा था, वो बाआरटी कॉरिडोर के पास स्थित 1,250 वर्ग गज की भूमि है। उसकी कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है। स्थानीय लोगों की जानकारी में मामला आने के बाद शिकायत दर्ज की गई और कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि भूमि ग्राम पंचायत के स्वामित्व में है और सामुदायिक उपयोग के लिए है, लेकिन इसे पहले एक व्यक्ति और फिर एक निजी संस्था को “धोखाधड़ी” तरीके से हस्तांतरित किया गया था। लेकिन जब मामला सामने आया तो इसे दिल्ली विधानसभा की याचिका समिति के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद तथ्यों की जांच करने पर पाया गया कि भूमि कए किसान को हस्तांतरित कर दी गई थी।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












