
दो दिन पहले शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें थीं। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में पार्टी के कई विधायक, पूर्व विधायक और कई स्थानीय नेताओं के भी बीजेपी ज्वाइन करने की अटकलें लगाई जा रही थी। लेकिन अब चर्चाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टस और कुछ सियासी अटकलों के मुताबिक कमलनाथ की राहुल गांधी के साथ बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने पार्टी में बने रहने का फैसला किया है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी जोर देकर कहा था कि उनकी पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ बातचीत हुई है और वह ऐसा फैसला नहीं लेने वाले हैं।
हालांकि उनके बेटे नकुलनाथ और कांग्रेस के कुछ विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। वहीं प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को बैठक बुलाई है। सभी विधायक और वरिष्ठ नेता इस बैठक में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ही कांग्रेस हाई कमान से कमलनाथ की नाराजगी बनी हुई थी। मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला को प्रदेश प्रभारी बनाया था। उस समय राज्य में कांग्रेस की कमान कमलनाथ ही संभाल रहे थे। उस समय दोनों के बीच कई मु्द्दों को लेकर असहति थी। इसको लेकर कमलनाथ निराश थे। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार का ठीकरा भी कांग्रेस ने कमलनाथ के सिर फोड़ा था।
चुनाव में मिली हार राहुल गांधी कमलनाथ से खुश नहीं थे, जिसके चलते उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा। उनकी जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बनाया गया। कमलनाथ को आशा थी कि पार्टी मध्यप्रदेश से उन्हें राज्यसभा भेजेगी। उनका नाम भी उम्मीदवारों में शामिल था। हालांकि, बाद में पार्टी ने अशोक सिंह को राज्यसभा का टिकट दे दिया। अब कमलनाथ के पाला बदलने पर विराम लगता हुआ दिखाई दे रहा है जिसके बाद कांग्रेस हाई कमान को जरूर राहत मिली होगी।
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Author: AK
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