
संसद का बजट सत्र चल रहा है। सत्र के दौरान सदन में कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जुबानी जंग और नोकझोंक भी हो रही है। दोनों नेताओं की ओर से एक दूसरे पर व्यंगात्मक कटाक्ष भी किए जा रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार के खिलाफ ‘ब्लैक पेपर’ जारी किया। उन्होंने कहा कि हम आज केंद्र सरकार के खिलाफ ब्लैक पेपर निकाल रहे हैं क्योंकि वे हमेशा सदन में अपनी कामयाबी की बात रखते हैं और अपनी विफलता छुपाते हैं। जब हम उनकी विफलता बताते हैं तब हमें महत्व नहीं दिया जाता है। इस ब्लैक पेपर में हमारे मुख्य मुद्दे बेरोजगारी है जो देश का सबसे बड़ा मुद्दा है और बीजेपी इस बारे में कभी बात नहीं करती। विपक्ष के इस ब्लैक पेपर के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज सदन में कांग्रेस पर कटाक्ष किया। मोदी सरकार भी श्वेत पत्र जारी करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार के श्वेत पत्र से पहले कांग्रेस ने ब्लैक पेपर जारी कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि मोदी कहते हैं कि अब इतने पैसे जमा हो रहे हैं, पहले क्यों नहीं होते थे, ऐसा कहकर वे अप्रत्यक्ष रूप में हैरेसमेंट और प्रेशराइज कर रहे हैं और इलेक्शन में पैसा लगा रहे हैं। ये पैसा डेमोक्रेसी को खत्म करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। 10 साल में 411 विधायकों ने उन्होंने (भाजपा) ने अपने तरफ ले लिया। मैं ये नहीं कहता कि कितने पैसे देकर खरीदा। आप लोग जानते हैं कि हमारी कितनी सरकारें चुनी हुई थीं जैसे मध्य प्रदेश, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड। यहां सरकारें कैसे गिरीं, आप जानते हैं। अगर वे डराकर हमें कमजोर करना चाहते हैं तो न कांग्रेस और न ही मैं इससे प्रभावित होंगे।खड़गे ने कहा कि देश में जो सबसे बड़ा मुद्दा है, जिसे भाजपा सरकार कभी नहीं उठाती। दो दिन पहले उन्होंने पीएसयू की बात की। नेहरू के जमाने के HAL, HMT, BHEL को उन्होंने कभी नहीं बताया। इसमें कितने लोगों को बेहतरीन नौकरियां मिलीं, ये कभी नहीं बताया। गांवों में रोजगार कम हो रहे हैं, क्योंकि सरकार नरेगा का पैसा रिलीज नहीं कर रही। गैर-भाजपा शासित राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, तेलंगाना के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
#WATCH | Delhi: On Central Government bringing a 'White paper' against UPA Government's 10 years, Congress MP Adhir Ranjan Chowdhury says, "Let the government do whatever they want to. Let them bring white paper or black paper or red paper, what have we got to do with it…" pic.twitter.com/otFceRoC3u
— ANI (@ANI) February 8, 2024
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश पिछले 10 साल में समृद्धि के नए-नए शिखर छू रहा है। एक भव्य-दिव्य वातावरण बना है और उसको नज़र ना लग जाए इसीलिए काला टीका करने का आज प्रयास हुआ है। मैं उसके लिए भी खरगे जी का बहुत धन्यवाद करता हूं ताकि हमारी इस प्रगति की यात्रा को कोई नजर ना लग जाए, मैं उसका (ब्लैक पेपर) भी स्वागत करता हूं क्योंकि जब भी अच्छी बात होती है तो काला टीका, नजर न लग जाए इसीलिए जरूरी होता है ।
#WATCH | Delhi: On Central Government bringing a 'White paper' against UPA Government's 10 years, and Congress bringing a 'Black paper' in response, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "Has nothing happened in the last 70 years? Has the country developed only in these 10 years?… pic.twitter.com/776zvZyy5y
— ANI (@ANI) February 8, 2024
वहीं राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर शिवसेना(यूबीटी) सांसद संजय राउत ने निशाना साधा। राउत ने कहा कि राज्यसभा में पीएम मोदी का जो भाषण था वह किसी पीएम का भाषण नहीं लगा। जो नेता 10 साल से इस देश के प्रधानमंत्री हैं और इस देश का नेतृत्व कर रहे हैं उनकी भाषा में जो संयम होना चाहिए वो हमें नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि 10 साल में आप अपना एक भी ऐसा भाषण दिखाएं जिसमें आपने पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस पर हमला न किया हो। आप अपनी बात करें, आप बार-बार कांग्रेस की बात क्यों कर रहे हैं? झूठे बयान क्यों दे रहे हैं? आप कोशिश करो कि इस देश को नहरू जैसा 5% भी बन सको। केंद्र सरकार के अर्थव्यवस्था के श्वेत पत्र के जवाब में कांग्रेस ने पलटवार करने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस का कहना है कि वह केंद्र के अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र के खिलाफ ब्लैक पेपर लेकर आएगी। कांग्रेस मोदी सरकार को बेरोजगारी और महंगाई पर घेरने की योजना बना रही है। व्हाइट पेपर एक रिपोर्ट होती है, जिसमें सरकार की नीतियों और मुद्दों को चर्चा होती है। सरकार व्हाइट पेपर अक्सर तब लाती है, जब उसे किसी मुद्दे पर निष्कर्ष निकालना होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के व्हाइट पेपर लाने से सरकार को लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के खिलाफ हमला करने का हथियार मिलेगा।
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विदाई के दौरान दी भावुक स्पीच–
डॉ. मनमोहन सिंह 6 बार अपने मूल्यवान विचारों से बहुत बड़ा योगदान दिया है। वैचारिक मतभेद बहुत अल्पकालीन होता है, लेकिन इतने लंबे अर्से तक इस सदन का मार्गदर्शन किया है, देश का मार्गदर्शन किया है। भविष्य में उनकी चर्चा जरूर होगी। @narendramodi#BudgetSession2024 @PMOIndia pic.twitter.com/T1I0PIxrIK
— SansadTV (@sansad_tv) February 8, 2024
पीएम मोदी राज्यसभा के 56 सांसदों की विदाई पर अपने विचार रखे। मोदी ने विशेष रूप से पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि हर दो वर्ष के बाद इस सदन में इस प्रकार का प्रसंग आता है लेकिन ये सदन निरंतरता का प्रतीक है। लोकसभा 5 साल के बाद नए रंग रूप के साथ सज जाती है। ये सदन हर 2 वर्ष के बाद एक नई प्राण शक्ति प्राप्त करता है। एक नई ऊर्जा प्राप्त करता है। एक नए उमंग और उत्साह का वातावरण भर देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसलिए हर दो साल में होने वाली विदाई, वो विदाई एक प्रकार की विदाई नहीं होती । वो ऐसी स्मृतियों को यहां छोड़ कर जाते हैं, वो आने वाले नए बैच के लिए अनमोल विरासत होती है। कुछ लोग जा रहे है, हो सकता कुछ लोग आने के लिए जा रहे हैं। कुछ लोग जाने के लिए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने विशेष रूप से पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह जी का स्मरण करना चाहूंगा। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने 6 बार अपने मूल्यवान विचारों से बहुत बड़ा योगदान रहा। पीएम ने कहा कि वैचारिक मतभेद, कभी बहस में छींटाकशी, वो बहुत अल्पकालीन होता है लेकिन इतने लंबे अरसे तक जिस प्रकार से उन्होंने इस सदन का मार्गदशन किया है। देश का मार्गदर्शन किया है वो हमेशा-हमेशा, जब भी हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की चर्चा होगी उसमें माननीय डॉ. मनमोहन सिंह की चर्चा जरूर होगी। बता दें कि राज्यसभा की बैठक 10 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उच्च सदन में बुधवार को यह घोषणा की। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही धनखड़ ने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की मंगलवार को हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी जिसमें मौजूद सभी दलों के नेताओं ने राज्यसभा की बैठक 10 फरवरी तक बढ़ाए जाने पर सहमति जताई। धनखड़ ने कहा कि 10 फरवरी को बैठक के दिन ना तो शून्यकाल और ना ही प्रश्नकाल होगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 2014 से पहले और उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति की तुलना करते हुए एक ‘श्वेत पत्र’ पेश करने की योजना बना रही है और इसके लिए कार्यवाही आगे बढ़ाई गई है। बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को हुई थी और इसे 9 फरवरी को समाप्त होना था।
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Author: AK
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