कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा एबं मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा की मोदी सरकार को देश से कोई लेना देना नही है। अच्छे दिनों’ का झांसा देकर तानाशाह मोदी सरकार खुलेआम देश को लूट रही है। लूट के इस दौर में जो भी सच बोलने की कोशिश कर रहा है, सरकार उसे शर्मनाक तरीके से प्रताड़ित कर रही है। प्रधानमंत्री नहीं चाहते कि उनके सच का पर्दाफाश कोई करे। वे जानते हैं कि अगर जनता को उनके काले सच का पता चल गया तो जनता उनकी दुर्दशा कर देगी। पिछले दिनों रेलवे के जिस अधिकारी ने मोदी के सेल्फी पॉइंट के खर्चे के बारे में जानकारी दी थी, उसका ट्रांसफर कर दिया गया।

तानाशाह को अपना भेद खुलने से इतना डर लगता है कि अब RTI के नियम ही कड़े कर दिए गए। नतीजा, अब कोई भी अधिकारी सीधे जानकारी नहीं देगा। RTI के सभी जवाबों को रेलवे के बड़े अधिकारी मंजूरी देंगे, उसके बाद ही वो जवाब दिया जाएगा। अगर मंजूरी नहीं देंगे तो जवाब नहीं दिया जाएगा। ये तानाशाही और जबरदस्ती नहीं तो फिर क्या है?
ये वही सरकार है जिसने कुछ माह पूर्व अपनी करतूतों की लीपापोती करने के चक्कर में RTI की वेबसाइट से कई वर्षों का डेटा गायब कर दिया था। ये वैसे ही था, जैसे अपने काले अतीत को छिपाने के लिए सरकार लगातार मनमाने ढंग से देश के इतिहास से खिलवाड़ कर रही है, ताकि देशवासियों तक सही जानकारी न पहुंच सके, देशवासी ये न जान सकें कि देश के साथ धोखा कौन कर रहा है। ये वही सरकार है जो पीएम केयर फंड में जमा हुए जनता के हजारों करोड़ रुपए का हिसाब देने में आनाकानी करती है। ये वही तानाशाह है, जो देश को गले तक कर्ज में डुबोकर अपनी रैलियों में लाखों–करोड़ों रुपये पानी की तरह बर्बाद करता है।
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सत्यवादी हरिश्चंद्र का इकलौता वारिस होने का दावा करने वाली सरकार की कारस्तानी जितनी घिनौनी है, उससे अधिक देश के लिए खतरनाक। देशवासियों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाली सरकार का चरित्र और रवैया इतना शर्मनाक हो चुका है कि वो देश लूटने के लिए किसी भी स्तर तक गिरने को तैयार है। राजनीतिक शुचिता और हया का गला घोटने वाली सरकार को न नैतिकता की परवाह है, न ही लोकतंत्र और समाज का कोई डर। वो अपने कुकर्मों को ढकने के लिए ‘खुला खेल फर्रुखाबादी’ पर उतर आई है। कट्टरपंथ और नफरत के जाल में देश को उलझाकर बुनियादी मुद्दों को चर्चा से बाहर करने वाली मोदी सरकार की नियति जितनी दुर्भाग्यपूर्ण है, उससे अधिक देश के लिए चिंताजनक और खतरनाक। ऐसी भ्रष्ट, नाकाम, लुटेरी और तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकना लोकतंत्र में हर देशवासी का सबसे पहला कर्तव्य है। इसे बर्दाश्त करना देश के लोकतंत्र और देश के लोगों की सेहत के लिए ठीक नही है
Author: AK
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