21 दिसंबर गुरुवार को संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त हो गया। संसद का शीतकालीन सत्र भले ही खत्म हो गया हो लेकिन इस दौरान निलंबित किए गए सांसदों को लेकर घमासान जारी है। शुक्रवार को भी संसद से निलंबन के विरोध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने राजधानी दिल्ली की सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। I.N.D.I.A के घटक दल जंतर-मंतर पर जुटे। सेव डेमोक्रेसी प्रोटेस्ट (लोकतंत्र बचाओ प्रदर्शन) में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी नेता शरद पवार, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, आरजेडी सांसद मनोज झा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी केसी वेणुगोपाल, अधीर रंजन, डी राजा (सीपीआई), त्रिची शिवा (डीएमके), रणदीप सुरजेवाला, प्रमोद तिवारी, जॉन ब्रिटास, संजीव अरोड़ा, सुशील रिंकू आदि प्रदर्शन में शामिल हुए।

संसद में सुरक्षा चूक पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग खुद के देशभक्त होने का दावा करते हैं, उनकी हवा निकल गई। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई नफरत और मोहब्बत के बीच है। आप जितनी नफरत फैलाओगे, हम उतनी मोहब्बत फैलाएंगे। राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में भयंकर बेरोजगारी है और युवा आज रोजगार नहीं पा सकता है। मैंने किसी से कहा कि एक काम करो, एक छोटा सा सर्वे करो, किसी भी शहर में चले जाओ और पता करो कि हिंदुस्तान के जो युवा हैं वो मोबाइल पर दिन में कितना घंटा बिताते हैं। ये भी छोटे शहर में पता कराया, मैं हैरान रह गया कि साढ़े सात घंटे युवा एक दिन में फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, मेल पर यानि सेलफोन पर रहता है। यानि मोदी सरकार में हिंदुस्तान का युवा साढ़े सात घंटे फोन पर रहता है, क्योंकि मोदी जी ने उसे रोजगार नहीं दिया।




कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में सांसदों के निष्कासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने मुंह नहीं खोला है, उन्हें भी सस्पेंड कर दिया है। मोदी जी को इतना घमंड आ गया है कि चुनाव से पहले ही कह रहे हैं कि 400 सीटें जीतेंगे। वे यह दावा किस बात पर कर रहे हैं। कर्नाटक, हिमाचल और तेलंगाना में गली-गली घूमे और हारकर आ रहे हैं। जो जनता आपको सत्ता में लाई है, वो आपको बाहर निकालना भी जानती है। हम लोग देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए एक होकर लड़ रहे हैं। देश में दलितों और किसानों पर अत्याचार हो रहा है। संविधान ने सबको बोलने का हक दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पीएम मोदी विपक्ष रहित सदन चाहते हैं, लेकिन हम लड़ते रहेंगे। संसद में जो लोग घुसे थे, उन्होंने रंगीन धुआं उड़ाया था, अगर यह कुछ और होता तो देश की स्थिति कुछ और होती। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कहा- हम सदन में सिर्फ गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे। इस पर कई सांसदों को सस्पेंड कर दिया।
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Author: AK
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