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खाड़ी के देश कतर की राजधानी दोहा में एक महीने चले फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना चैंपियन बनकर निकला। फाइनल मुकाबला देखने के लिए रविवार रात भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में रोमांच बना रहा। स्टेडियम में लाखों लोग अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच फाइनल मुकाबला देखने के लिए पहुंचे थे।



आखिरकार लियोनल मेसी का वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना पूरा हो गया। अर्जेंटीना ने रविवार को खेले गए फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूट आउट में 4-2 से हरा दिया। तय 90 मिनट तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर रही थी। एक्स्ट्रा टाइम के बाद मुकाबला 3-3 की बराबरी पर रहा था। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट से फैसला हुआ। फाइनल में मेसी ने दो गोल किए। वहीं, फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने हैट्रिक जमाई। अर्जेंटीना ने 36 साल बाद वर्ल्ड कप जीता है। इससे पहले उसे 1986 में खिताबी कामयाबी मिली थी। अर्जेंटीना का यह ओवरऑल तीसरा खिताब है। टीम 1978 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। वहीं, फ्रांस का लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना अधूरा रहा गया। टीम 2018 में चैंपियन बनी थी। फ्रांस दूसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में हारा है। इससे पहले उसे 2006 में इटली के खिलाफ फाइनल मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में हार मिली थी। पेनल्टी शूट आउट तक गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने फ्रांस को 4-2(3-3) मात देकर खिताब पर कब्जा कर लिया। फुल टाइम तक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहा। अर्जेंटीना ने फर्स्ट हाफ में दो गोल करके 2-0 की बढ़त बना ली थी लेकिन फ्रांस के स्टार खिलाड़ी काइलन एमबापे ने दो मिनट में दो गोल करके मैच को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद मैच एक्स्ट्राटाइम में गया। जहां मेस्सी ने सेकेंड हाफ में गोल करके अर्जेंटीना को 3-2 से आगे कर दिया लेकिन एक बार फिर एम्बापे ने पेनल्टी को गोल में तब्दील करके मुकाबले को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद हार जीत का फैसला पेनल्टीशूट आउट के जरिए हुआ जहां अर्जेंटीना ने 4-2 से बाजी मार ली और तीसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया।







इससे पहले साल 1986 में अर्जेंटीना ने खिताबी जीत हासिल की थी। साल 2014 में मेसी की कप्तानी में जर्मनी ने मेसी का विश्व विजय का सपना तोड़ दिया था लेकिन 8 साल बाद उन्होंने फीफा विश्व चैंपियन बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा। फाइनल में हार के बाद फ्रांस में मायूसी छाई हुई है वहीं अर्जेंटीना में जश्न का माहौल है। हार के बाद मैदान में ही फ्रांस के खिलाड़ी भावुक नजर आए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को अर्जेंटीना से हारने के बाद फ्रांस की फुटबॉल टीम को सांत्वना दी। पेनल्टी शूटआउट में तनावपूर्ण हार के बाद, मैक्रों फ्रांसीसी खिलाड़ियों से मिलने मैदान में पहुंच गए। इसकी बहुत सारी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। इनमें से एक में, मैक्रों फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को समझाते हुए दिख रहे हैं। फ्रांस के लिए एम्बाप्पे ने मुकाबले में हैट्रिक बनाई, लेकिन वह टीम के काम नहीं आई। फाइनल में 3 गोल के साथ एम्बाप्पे के इस वर्ल्ड कप में 8 गोल हो गए। वह टूर्नामेंट के गोल्डन बूट की रेस में पहले नंबर पर पहुंच गए। उनके बाद अर्जेंटीना के लियोनल मेसी का नंबर है। मेसी ने टूर्नामेंट में 7 गोल दागे हैं।

अर्जेंटीना की जीत पर भारत में फुटबॉल प्रशंसकों में जश्न का माहौल है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर अर्जेंटीना को खास बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, यह सबसे रोमांचक फुटबॉल मैचों में से एक के रूप में याद किया जाएगा! #FIFAWorldCup चैंपियंस बनने पर अर्जेंटीना को बधाई! उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। शानदार जीत पर अर्जेंटीना और मेसी के लाखों भारतीय प्रशंसक भी खुश हैं! पीएम मोदी ने अपने ट्वीट को अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज (Alberto Fernandez) को भी टैग किया।पीएम मोदी ने फ्रांस के खेल की भी तारीफ की। पीएम मोदी ने लिखा, #FIFAWorldCup में उत्साहपूर्ण प्रदर्शन के लिए फ्रांस को बधाई!उन्होंने फाइनल तक के सफर में अपने कौशल और खेल भावना से फुटबॉल प्रशंसकों को भी खुश किया। पीएम मोदी ने अपने इस ट्वीट को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (Emmanuel Macron) को टैग भी किया। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर ने भी अर्जेंटीना को विश्व कप चैंपियन बनने की बधाई दी। खास यह है कि सचिन तेंदुलकर की तरह लियोनल मेसी ने भी करियर के आखिरी विश्व कप में ट्रॉफी जीती।
Author: AK
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