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भारतीय नौसेना के लिए आज दिन अहम है। आज भारतीय नौसेना में पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) शामिल हुआ है। केरल के कोच्चि में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में INS विक्रांत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को समर्पित किया। कोचीन शिपयार्ड पर तैयार किए गए इस विमान वाहक पोत के निर्माण में 20,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। माना जा रहा है कि इस पोत के आधिकारिक तौर पर शामिल होने से नौसेना की ताकत दोगुनी हो जाएगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में नौसना के ध्वज का अनावरण किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, सीएम पिनाराई विजयन और अन्य की मौजूदगी रही।









मालूम हो कि भारतीय नौसेना के वर्तमान ध्वज के ऊपरी बाएं कोने में तिरंगे के साथ सेंट जॉर्ज क्रॉस है। भारतीय नौसेना ब्रिटिश काल में ही अस्तित्व में आ गई थी। दो अक्टूबर, 1934 को नौसेना सेवा का नाम बदलकर रॉयल इंडियन नेवी किया गया था। 26 जनवरी, 1950 को भारत के गणतंत्र बनने के साथ रॉयल को हटा दिया गया और इसे भारतीय नौसेना का नाम दिया गया। हालांकि, ब्रिटेन के औपनिवेशिक झंडे को नहीं हटाया गया। अब पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना के नए झंडे का अनावरण किया है।
Author: AK
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