आईआईटी दिल्ली ने बनाया ग्रीन जेनरेटर , प्रदूषण ना के बराबर फेलाने का किया दावा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा जेनरेटर बनाया है जो डीजल की बजाय हाइड्रोजन की मदद से चलेगा। शोधकर्ताओं इसे ग्रीन जेनरेटर नाम दिया है।
शोधकर्ताओं का दावा है कि स्पार्क-इग्निशन इंजन तकनीक वाला यह जेनरेटर वायु प्रदूषण न के बराबर फैलाता है। इस ग्रीन जेनरेटर को विकसित करने के बाद आईआईटी ने पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
आईआईटी शोधकर्ताओं के मुताबिक, डीजल से चलने वाले जेनरेटर से काफी विषैले तत्व निकलते हैं, जिससे वातावरण में प्रदूषण फैलता है। यह न सिर्फ वातावरण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं बल्कि मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी इनका बुरा प्रभाव पड़ता है।
डीजल जेनरेटर से हाइड्रोकॉर्बन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड, धुंआ, कार्बन डाइऑक्साइड व पार्टिकुलेट मैटर आदि का उत्सर्जन होता है। यह हवा में घुलकर हमारे शरीर के भीतर प्रवेश कर विभिन्न बीमारियों को जन्म देते हैं।
इस ग्रीन जनरेटर को आईआईटी ने इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास केंद्र और किर्लोस्कर आयल इंजन लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया है। इसके लिए अलग से ल्यूब्रिकेंटर को भी बनाया गया है। आइआइटी ने दावा किया कि बिना कार्बन उत्सर्जन के बिजली को उत्पादित करने में जेनरेटर सफल रहेगा।
शोधकर्ताओं ने ग्रीन जेनरेटर के बारे में बताया कि इस में उपयोग होने वाला हाइड्रोजन विशेषतौर पर मूर्त उत्पाद के रूप में अमोनिया, रिफाइनरी जैसी फैक्ट्रियों में उपलब्ध है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइजर का प्रयोग कर पानी का रासायनिक विभाजन कर हाइड्रोजन को निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली को इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से हाइड्रोजन में परिवर्तित किया जा सकता है। यदि बिजली की मांग बढ़ती है तो आइआइटी के जेनरेटर से हाइड्रोजन का उपयोग कर बिजली उत्पादन किया जा सकेगा।
यह अविष्कार तकनीक विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इसके साथ साथ इस से हाइड्रोजन ईंधन के लिए भविष्य में बिजली उत्पादन के लिए डीजल जनरेटर को हाइड्रोजन जनरेटर में परिवर्तित किया जा सकेगा।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !











