अब दिल्ली में बिना नाम के डोर स्टेप राशन योजना होगी वितरित : अरविंद केजरीवाल

राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की योजना मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दिया है। जिसके बाद केजरीवाल सरकार ने समीक्षा बैठक बुलाई जिसके बाद सीएम केजरीवाल ने कहा कि यह उनका 20 वर्ष पुराना सपना था, कि गरीबों को साफ सुथरा और आसानी से राशन मिले। जब सत्ता में नहीं थे, तो ये सपना देखा था। राशन की चोरी की जा रही थी। दिल्ली में जब हमारी सरकार बनी तब हीं हमने इस योजना पर व्यक्तिगत रूप से काम किया। किस तरह गरीबों को राशन पहुंचाना है, इसे लेकर योजना बनाई गई। चार साल पहले इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया था।
हमारा काम है जनता तक ईमानदारी से राशन पहुंचाना। हमने यह योजना काम का क्रेडिट लेने के लिए नहीं लाए थे। हमारा उद्देश्य बस गरीबों की परेशानी को हल करना है। मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना शुरू होने जा रही थी। इस योजना के पहले अब तक दुकान से राशन मिलता था, लंबी लाइन में लगना पड़ता था और तरह तरह की परेशानी होती हैं। हमारी सरकार ने समाधान निकालते हुए आटा, चावल पैक करके घर भिजवाने का फैसला किया था और यह योजना 25 मार्च से लागू होना था, लेकिन केंद्र सरकार ने लागू करने से इनकार कर दिया। केंद्र के इस फैसले से बड़ा धक्का लगा है।
केंद्र की ओर से इस योजना पर रोक के लिए मिले पत्र में लिखा है कि इस योजना का नाम मुख्यमंत्री घर घर राशन नहीं रख सकते हैं। ये योजना नाम बनाने या क्रेडिट लेने के लिए नहीं कर रहे हैं। अब इस योजना का कोई नाम नहीं है, ये फैसला सुबह अधिकारियों के साथ बैठक में लिया गया है। केंद्र सरकार की आपत्ति इससे दूर हो गई होगी और आगे इस योजना को लागू करने देगी।
Author: AK
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