
राजधानी दिल्ली में अब एक बार फिर से केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तनातनी शुरू हो गई है।
दरअसल केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना पर रोक लगा दी है। केजरीवाल सरकार 25 मार्च 2021 से राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना शुरू करने की योजना बनाई थी, और इसकी घोषणा मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बीते साल 2020 में ही कर दी थी। केजरीवाल की इस योजना के तहत लोगों को उन्हें घर पर ही सूखा राशन मिलता लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। केजरीवाल सरकार ने इस योजना का नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था और मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल सरकार ने इसके लिए टेंडर तक जारी कर दिए थे।
लेकिन इस योजना के शुरू होने के महज 5 दिन पहले केंद्र ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि देशभर में राशन वितरण की योजना केंद्र सरकार के अधीन आती है, ऐसे में दिल्ली सरकार इसमें कोई बदलाव न करे। इसीलिए इस योजना पर रोक लगा दी गई है। बता दें की दिल्ली सरकार की यह योजना राजधानी में पहले ही शुरू होनी थी लेकिन राशन की दुकानों पर बायोमैट्रिक मशीनों का संचालन सही से न हो पाने के कारण इस योजना में देरी हुई। इस योजना के तहत राजधानी के सभी 70 विधानसभाओं में लगभग 17 लाख लोगों के घरों तक राशन पहुंचाए जाने की योजना थी।
योजना के अंतर्गत खास बात यह है कि जो लोग पहले की तरह दुकानों से ही राशन लेना चाहते हैं तो उस पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। इच्छुक ग्राहक अपने हिसाब से पहले की तरह राशन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना के तहत दिल्ली सरकार की ओर से गेहूं न देकर लोगों को आटा दिया जाना था।
Author: AK
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