जहानाबाद। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर मंगलवार को समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी आशा फैसिलिटेटर, प्रखंड सामुदायिक प्रेरक (BCM) और स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में संस्थागत प्रसव, टीबी मुक्त भारत अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, M-Asha पोर्टल एवं एप पर आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मरीजों के रेफरल और चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे सर्जिकल कार्यों की समीक्षा की गई।
अनावश्यक रेफरल पर डीएम ने जताई नाराजगी
मरीजों के रेफरल की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीज को उसकी चिकित्सकीय आवश्यकता और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ही उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाए। रेफरल पॉलिसी का पालन नहीं करने और अनावश्यक रेफरल को गंभीरता से लेने की बात कही गई। सदर अस्पताल से अत्यधिक संख्या में मरीजों को रेफर किए जाने के मामले में संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई भी की गई।
M-Asha पर अपडेट नहीं करने वाले कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
M-Asha पोर्टल की समीक्षा में रत्नी फरीदपुर प्रखंड की 40, काको की 55 और मखदुमपुर की 73 आशा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं के अपडेटेशन में अपेक्षित सक्रियता नहीं पाई गई। इस पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसिलिटेटर और तीनों प्रखंडों के BCM से भी स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। डीएम ने जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा M-Asha पोर्टल पर स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों और आवश्यक सूचनाओं का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध अपडेटेशन सुनिश्चित कराने को कहा। आशा फैसिलिटेटर और BCM को नियमित निगरानी करने तथा लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
महादलित टोलों में बढ़ाया जाएगा संस्थागत प्रसव
संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान महादलित टोलों को विशेष रूप से चिह्नित कर वहां सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया। विकास मित्र, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर को आपसी समन्वय से गर्भवती महिलाओं की पहचान करने, उन्हें समय पर आवश्यक परामर्श देने और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके लिए क्षेत्र स्तर पर बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी जरूरी है। बैठक में टीबी मुक्त भारत और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को लक्षित लाभार्थियों तक जांच, उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के अलावा BCM, आशा फैसिलिटेटर और अन्य संबंधित कर्मी मौजूद रहे।
Jehanabad News: DM issues strict directives during review of health services; action to be taken against unnecessary referrals.



















