जहानाबाद में गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल में 5 वर्षीय मासूम बच्चे की निर्मम हत्या के खिलाफ जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार की शाम शहर की सड़कों पर गुस्सा और दुख का मिला-जुला दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की। यह कैंडल मार्च गुरुकुल हॉस्टल परिसर से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कारगिल चौक तक पहुंचा। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए लोग “न्याय दो” और “दोषियों को फांसी दो” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। इस दौरान हर वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इस घटना के प्रति समाज की संवेदनशीलता और आक्रोश को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि जब तक मासूम के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे रूट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।
इस विरोध प्रदर्शन में Surendra Prasad Yadav भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की जघन्य घटना यह दर्शाती है कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है। साथ ही उन्होंने Nitish Kumar के नेतृत्व वाली सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कड़ी आलोचना की। सांसद ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को शीघ्र सजा नहीं दी गई, तो इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाया जाएगा। गौरतलब है कि गुरुकुल हॉस्टल में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। मासूम के शरीर पर गंभीर जख्म मिलने के बाद लोगों में आक्रोश और भी गहरा गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की है। फिलहाल, पूरे जिले में एक ही आवाज गूंज रही है—मासूम को न्याय कब मिलेगा?
Jehanabad News: Outrage over the murder of an innocent: Thousands of people held a candlelight march demanding justice, raising questions about the government.












